दक्ष दर्पण समाचार सेवा
गुरूग्राम (जतिन/राजा)
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे (एनएच-48) पर मानेसर में बनने वाले फ्लाईओवर के निर्माण की घोषणा अधूरी रहने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ उद्योग जगत में भी भारी आक्रोश है। घंटों लगने वाले इस भीषण ट्रैफिक जाम के कारण हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे छह राज्यों को जोडऩे वाले इस महत्वपूर्ण औद्योगिक गलियारे पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस बारे में सीआईआई गुरूग्राम जोन के चेयरमैन व कैपेरो मारुती के सीईओ विनोद बापना ने कहा कि मानेसर में लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने और हाईवे से ग्रामीण सडक़ों की क्रॉसिंग को दूर करने के लिए फ्लाईओवर बनाने की घोषणा लगभग एक साल पहले की गई थी।लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

विनोद बापना ने कहा कि मानेसर क्षेत्र एक बड़ा औद्योगिक हब है, जहां देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल और अन्य विनिर्माण कंपनियां स्थित हैं। ट्रैफिक जाम का सीधा असर इन उद्योगों के सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। सीआईआई गुरूग्राम जोन के चेयरमैन विनोद बापना ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि घंटों लगने वाले जाम के कारण मारूति,हीरो, होंडा, जैसी बड़ी कंपनियों के वैंडर काफी परेशान हैं। जाम के कारण वैंडर्स का मैटीरियल (सामग्री) देरी से पहुंचता है, जिसके कारण उत्पादन प्रभावित होता है। इससे व्यापार को खासा नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिक पिछले कई सालों से फ्लाईओवर बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों फ्लाईओवर के बन जाने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि इस व्यस्त हाईवे पर होने वाले हादसों में भी काफी कमी आएगी।

