
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़।
पानीपत में आयोजित हरियाणा स्टेट स्कूल रेसलिंग चैम्पियनशिप 2025 में प्रताप स्कूल के पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक अपने नाम किए।
• अभि (60 किग्रा, ग्रीको रोमन, अंडर-17) – रजत पदक
• ईशांत (60 किग्रा, फ्री स्टाइल, अंडर-17) – कांस्य पदक
• अंकित (67 किग्रा, अंडर-19) – रजत पदक
पदक विजेता खिलाड़ियों के विद्यालय प्रांगण में पहुंचने पर द्रोणाचार्य अवार्डी ओमप्रकाश दहिया, प्राचार्या दया दहिया, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सुबोध दहिया तथा रेसलिंग कोच प्रदीप, संदीप, संतोष, अंकित, मोहन, सन्नी और अनिकेत ने भव्य स्वागत किया। खिलाड़ियों को जीत पर बधाई और आशीर्वाद दिया गया। विद्यालय के प्रधान वेदप्रकाश दहिया और संस्थापक सतप्रकाश नंबरदार ने खिलाड़ियों को विशेष बधाई देते हुए कहा कि ये सफलता पूरी टीम की मेहनत और खिलाड़ियों की लगन का परिणाम है। द्रोणाचार्य अवार्डी ओमप्रकाश दहिया ने कहा कि प्रताप स्कूल के पहलवान पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले व विद्यालय का नाम रोशन कर चुके हैं। भविष्य में ये खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पदक जीतकर देश व प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे। प्रताप स्कूल ने विद्यार्थियों के चहुँमुखी विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों पर विशेष ध्यान दिया है। यहाँ साई सेंटर (SAI Centre) और विभिन्न खेल नर्सरियाँ स्थापित की गई हैं, जिनसे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलती है। इसके साथ ही, योग्य और अनुभवी कोचों की पूरी टीम बच्चों को आधुनिक तकनीकों के साथ प्रशिक्षित कर रही है। विद्यालय में खिलाड़ियों के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध है, जहाँ वे अनुशासित और स्वस्थ वातावरण में रहते हैं। विशेष ध्यान इस बात पर दिया जाता है कि खिलाड़ियों को संतुलित और आर्गेनिक भोजन मिले, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य मजबूत बने। एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सुबोध दहिया ने अपने संबोधन में कहा खेल और शिक्षा, दोनों जीवन के ऐसे दो पंख हैं, जिनके सहारे विद्यार्थी ऊँचाइयों को छू सकते हैं। शिक्षा आपको ज्ञान देती है, विवेक देती है और जीवन जीने की दिशा दिखाती है। वहीं खेल आपको अनुशासन, साहस, संघर्ष की भावना और हार-जीत को समान भाव से स्वीकार करने का हौसला देता है। जब ये दोनों मिलते हैं तो विद्यार्थी का चहुँमुखी विकास संभव होता है। प्रताप स्कूल ने हमेशा से यह प्रयास किया है कि यहाँ पढ़ने वाला हर विद्यार्थी केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेलों और अन्य गतिविधियों में भी अपनी पहचान बनाए। इसी उद्देश्य से विद्यालय ने आधुनिक खेल सुविधाओं, योग्य प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को हर स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराया है। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों, विद्यालय प्रबंधन और परिजनों को दिया। खिलाड़ियों ने बताया कि उनकी मेहनत के साथ-साथ विद्यालय में उपलब्ध बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएँ और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी जीत की बड़ी वजह रहा।
