
दक्ष दर्पण समाचार सेवा।
पिंजौर ।
पंचकूला के पिंजौर क्षेत्र की बात करें तो यहां अमरावती एंक्लेव के बाद डीएलएफ वैली को नई पोश कॉलोनी के रूप में देखा जा रहा है। अगर भविष्य की बात करें तो इससे आगे एक और नई कॉलोनी ट्राईडेंट हिल्स का निर्माण भी प्रगति पर है। इससे आगे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का एक सेक्टर और बनना है। इनके बीच में हाउसिंग बोर्ड की दो कॉलोनियां भी हैं परंतु कुछ कारणों से यह आवासीय सेक्टर बिजली के मामले में दुष्कर परिस्थितियों से गुजर रहा है और यूं कहिए कि यहां रह रहे लोग दो पाटों के बीच में ऐसे फंसे प्रतीत हो रहे हैं कि डीएलएफ प्रबंधन को अपना खुद का बिजली पावर हाउस बनाना पड़ रहा है। दो पाटों की बात करें तो इसका तात्पर्य यह है कि यहां बिजली सप्लाई हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम करता है लेकिन इसके प्रबंधन और बिल वसूली का काम डीएलएफ प्रबंधन कर रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि यहां उपभोक्ताओं को बिजली की दरें सामान्य से ज्यादा अदा करनी पड़ती हैं। इनमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं। लेकिन बिजली की सप्लाई में जितना व्यवधान इस फीडर में होता है शायद ही पंचकूला में कहीं और होता हो। बार-बार बिजली गुल होना कई कई घंटे के परमिट लेने की खबर आना आम बात है। इसका कारण यह बताया जाता है कि इस क्षेत्र में बिजली की लाइनें नदी क्षेत्र से होकर गुजरती है ।
कहते हैं जब भी बारिश आती है कोई न कोई खंभा गिर जाता है उसे खड़ा करने में समय लगता है तब तक बिजली बंद करना मजबूरी होती है। बिजली बोर्ड के कर्मचारी इस मामले में एक ही रटा रटाया जवाब यह देते हैं कि उनके पास इसका कोई विकल्प नहीं है। बार-बार बिजली सप्लाई बंद होने के बाद उपभोक्ता जब डीएलएफ में फोन करके स्थिति की जानकारी लेते हैं तो वहां बैठे कर्मचारी यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि सप्लाई बिजली बोर्ड देता है इसमें हम कुछ नहीं कर सकते बिजली पीछे से बंद है। कई बार तो संबंधित कर्मचारी टेलीफोन को भी ऐसे मोड में लगा लेते हैं कि जितनी बार फोन करें एक ही जवाब सुनने को मिलता है कि फोन बिजी है। इस मामले में विद्युत प्रसारण विभाग के अधिकारियों ने इस आवासीय सेक्टर के लिए एक नया उप मंडल कार्यालय तो बना दिया है लेकिन बिना बाधा के बिजली की सप्लाई करना अब भी चुनौती बनी हुई है। इस मामले में संबंधित क्षेत्र के नागरिक काफी हताश और निराश हैं। हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोग अब इस मांग को प्रमुखता से उठाने लगे हैं कि उनकी विद्युत सप्लाई और बिलिंग हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम से की जाए।
इस मामले में संबंधित एसडीओ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस फीडर में कई नई व्यवस्थाएं की जानी हैं लेकिन यह सही है कि बरसात में खंबे गिर जाते हैं अब भी गिरे हुए हैं। दूसरे फीडर की मदद लेकर कई बार सप्लाई बहाल भी की जाती है लेकिन इस समय सरकारी पावर हाउस में दिक्कत चल रही है ।इसके ठीक होने के बाद ही सप्लाई बहाल हो सकेगी। उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की कि डीएलएफ में पावर हाउस बन रहा है इसके बनने के बाद स्थिति में सुधार होगा।
बता दें कि यहां एक बात और सामने आई है कि कई बार विपरीत परिस्थितियों में डीएलएफ प्रबंधन डीएलएफ वैली की टाउनशिप में सप्लाई के लिए जनरेटर की मदद लेता है लेकिन उस समय हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों जिन्हें ईडब्ल्यूएस भी कहा जाता है को यह लाभ अमूमन नहीं दिया जाता।
