दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पंचकूला।
इंडियन सिटीजंस फोरम (आईसीएफ) के अध्यक्ष एस.के. नैय्यर और सचिव नरेंद्र शर्मा ने आज चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) के निदेशक श्री अरुण कुमार वर्मा और सीपीडीएल के महाप्रबंधक एम.पी. सिंह से सांझी मुलाकात की और कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की:
फोरम के सदस्यों द्वारा चंडीगढ़ विद्युत विभाग (यूटी) द्वारा चंडीगढ़ में सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं से 16 महीने तक लिए गए अत्यधिक/गलत मीटर-किराया-शुल्क को वापस दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब कंपनी का स्वामित्व सीपीडीएल के पास है, इसलिए विभिन्न स्तरों/कार्यालयों में यह मामला लंबित रहा। अब संयुक्त विद्युत विनियामक प्राधिकरण (जेईआरसी) ने अंततः दोनों एजेंसियों को कारण बताओ-नोटिस संख्या आरए-100/II/1/2025-आरए/157 दिनांक 17-07-2025 जारी किया है (कापी संलग्न है)। जिसमें दो सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है, अन्यथा जेईआरसी को अधिनियम के तहत स्वतः कार्यवाही के लिए भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत कार्रवाई करने की स्वतंत्रता है।
वास्तव में, शिकायत संख्या एफ-31/24 के विरुद्ध विद्वान उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, (सीजीआरऐफ) चंडीगढ़ द्वारा पारित आदेशों को विद्वान लोकपाल ने अपील संख्या 235/2025 के विरुद्ध 16-04-2025 को इस सीमा तक बरकरार रखा कि:
·सीईडी/लाइसेंसधारी (सीपीडीएल) दोनों को CED के उपभोक्ताओं से मीटर-किराया शुल्क, वर्तमान वर्ष की 1 अप्रैल की दर से ब्याज सहित, जो वार्षिक रूप से देय है, वापस करने का प्रयास करना चाहिए।
·आदेश/ईमेल जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर बिलों में सुधार किया जाना चाहिए।
·सीईडी को शिकायत दर्ज करने के 15 दिनों के दिन से प्रतिदिन 100/- रुपये की दर से क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का भी निर्देश दिया जाता है।
· लगभग 4 महीने की देरी हो चुकी है, उपभोक्ताओं को उनकी वैध राशि और स्वीकार्य ब्याज वापस नहीं किया गया है। अब और देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और यह अवमानना के बराबर होगा।
·सीईडी/लाइसेंसधारी (सीपीडीएल) को आदेश जारी होने/ईमेल से 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट लोकपाल कार्यालय को प्रस्तुत करनी होगी।
फोरम के अध्यक्ष एस.के. नैय्यर और सचिव नरेंद्र शर्मा ने इन मुद्दों पर गहन-चर्चा के लिए मुलाकात की। श्री वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जैसे ही हमें सीईडी से उपभोक्ताओं की सूची प्राप्त होगी, बिलों के माध्यम से राशि तुरंत वापस कर दी जाएगी।

