
फतह सिंह उजाला
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
गुरुग्राम । सऊदी अरब में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलेआम दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया । और वो भी व्यापार का दबाव डालकर ऐसा राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा सार्वजनिक रूप से दावा किया गया है। पहलगाम आतंकी हमला और उसके बाद भारतीय सेवा के द्वारा जवाबी कार्रवाई को लेकर हो रहे नए-नए खुला से अपने आप में सवाल बनते जा रहे हैं। इन्हीं सब सवाल और जिज्ञासा के बीच सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री श्रीमती पर्ल चौधरी ने कहां है कि “प्रधानमंत्री मोदी जी, अब चुप रहना देश का अपमान है – जवाब दीजिए, क्योंकि ये मामला 140 करोड़ भारतीयों के सम्मान और संप्रभुता का है!”
कांग्रेस नेत्री श्रीमती चौधरी के मुताबिक ट्रंप ने कहा, “मैंने डील की, और उन्होंने सुन लिया।” क्या भारत अब किसी अमरीकी नेता के दबाव में नीतियाँ बनाता है ? क्या हमारी विदेश नीति इतनी कमज़ोर हो गई है कि ट्रंप जैसे नेता उसका श्रेय लेकर वाहवाही लूटें ?
Trump may think ‘T’ stands for Trade, not Terrorism — but for India, on matters of national security, both Trump and his trade deals are irrelevant.
हम पाकिस्तान जैसे आतंकवाद के संरक्षक देश से न बराबरी करते हैं, न डरते हैं। और हम किसी भी अमेरिकी नेता को भारत की रणनीतिक निर्णय प्रक्रिया में घुसने की इजाज़त नहीं देते। मोदी जी, अब यह महज़ ट्रंप के बयान का मामला नहीं है — यह भारत की संप्रभुता, आत्मसम्मान और कूटनीतिक गरिमा पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने स्वयं और कांग्रेस पार्टी की तरफ से सवाल किया – क्या आपने ट्रंप को भारत-पाक विवाद पर ‘मध्यस्थता’ का मौका दिया था? क्या भारत ने अमेरिका के व्यापारिक हितों के दबाव में कोई सैन्य या कूटनीतिक कदम रोका ? क्या आज भारत की विदेश नीति व्हाइट हाउस की शर्तों पर चलती है?
देश चुप नहीं बैठेगा, और न अब 8 बजे का इंतज़ार करेगा। मोदी जी, जवाब दीजिए — क्योंकि इस बार ‘मन की बात’ नहीं, ‘देश की बात’ हो रही है
