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@Daksh darpan
चण्डीगढ़ ।
चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में चले गए बहुत लोगों को अब न केवल पछतावा हो रहा है बल्कि वे फिर से भाजपा में लौटने की तैयारी कर रहे हैं परंतु यह काम इसलिए कठिन हो गया है कि प्रदेश कार्यकारिणी उन्हें इस तरह स्वीकार करने को तैयार नहीं ।पार्टी के प्रदेश के नेता उन्हें यह कहकर पिंड छुड़ाने नजर आ रहे हैं कि ऊपर बात करो ।मतलब आपको तो हाई कमान से परमिशन लेनी पड़ेगी जो बहुत मुश्किल है।
5 साल कम नहीं होते ।अब गलती से, स्वार्थ में या गलतफहमी में इस तरह भाजपा छोड़ने वाले लोग ज्यादातर वही हैं जो भाजपा में भी विश्वसनीय नहीं थे और स्वार्थ पूर्ति में लगे रहते थे। अब उन्हें पिछले दिन याद आने लगे हैं लेकिन उनकी फिर से भाजपा में एंट्री आसान नहीं होगी। देखा जाए तो तीन पूर्व निर्दलीय विधायकों के साथ भी कुछ इसी तरह हुआ है जो भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेकर कांग्रेस के साथ चले गए थे। इनमें दो को टिकट ही नहीं मिली एक कांग्रेस की टिकट पर भी हार गया एक ने चुनाव ही नहीं लड़ा एक ने फिर एनडीए लिए प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ा। पहले यह तीनों भाजपा का और सरकार का समर्थन कर रहे थे। अब इन्हें भी भाजपा में भाव मिलने वाले नहीं है।
