
Daksh darpan नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहां है कि मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व 10 हाथियों की मौत कोई छोटी घटना नहीं है इस गंभीर मामले की जांच जांच या तो सीबीआई से कराई जाने चाहिए या इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि बांधवगढ नेशनल पार्क में 10 हाथियों की मृत्यु को करीब एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन दोषी तक पकड़े नहीं जा सके हैं। इसके मध्य प्रदेश सरकार अब तक हाथियों की मृत्यु के कारणों पक्का पता नहीं कर पाई है। यह गहरी चिंता का विषय है। इस वारदात से पता चलता है कि एक तो वन्य जीवों का जीवन खतरे में है तो दूसरी तरफ यह भी लगता है कि मध्य प्रदेश का वन विभाग वन्य प्राणियों की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ है।

प्रदेश की जांच एजेंसियां या तो पूरी तरह अकर्मण्य है या फिर उनके पास इतनी सुविधा ही नहीं है कि वह हाथियों की मृत्यु की उचित जांच कर सकें।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से अपील की है कि वह 10 हाथियों के मारे जाने की घटना की तो CBI से जांच कराएं या फिर न्यायिक जांच के आदेश दें। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच न होने से वन्य प्राणियों के जीवन पर खतरा बना रहेगा और जो भी लोग इसके पीछे हैं वह खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे. सख्त कार्रवाई होने पर इस तरह के अपराधों को दोहराने की हिमाकत करेंगे.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री इस मामले को गंभीरता से लेंगे और प्रदेश में वन्य जीवन की सुरक्षा की दृष्टि से इस दिशा में तत्काल कदम उठाएंगे.
