
दक्ष दर्पण समाचार सेवा dakshdarpan2022@gmail.com जयपुर : राजस्थान को जहां बड़ी मान्यताओं के धर्म स्थलों के लिए, पर्यटन के लिए ,उसकी संस्कृति और खान-पान के लिए जाना जाता है वही उसे रंगीलो राजस्थान भी कहा जाता है। रंगीलो राजस्थान को प्रदेश के पियक्कड़ों ने इस वर्ष तो वास्तव में रंगीला बना दिया। नव वर्ष के उपलक्ष में प्रदेश में 163.12 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री की खबरें आ रही है ।
आंकड़े किसी के गुलाम नहीं होते और आंकड़े बता रहे हैं कि राज्य में नव वर्ष के अवसर पर, 51.04 करोड़ रुपए की देशी शराब और RML की , जबकि 112.08 करोड़ अंग्रेजी शराब और बीयर की बिक्री हुई । कहने का अर्थ यह है कि नव वर्ष पर कुल 92.61 लाख बल्क लीटर मदिरा पी गई। नए साल में, 25.44 लाख बल्क लीटर अंग्रेजी मदिरा की खपत हुई। कड़ाके की सर्दी में भी 19.89 लाख बल्क लीटर बीयर, 6.46 लाख बल्क लीटर RML की बिक्री हुई, जबकि 40.82 लाख बल्क लीटर देशी मदिरा की बिक्री हुई। वैसे देखा जाए तो जहां राजस्थान में ऐसे अवसर पर लोग खुद शराब पीने में अधिक रुचि ले रहे हैं वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार ने शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए इस वर्ष एक नया परीक्षण करके देखा। राज्य सरकार ने यह व्यवस्था की कि नव वर्ष के अवसर पर हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए शराब के अड्डे मतलब बीयर बार 24 घंटे खोले जाने की छूट दे दी और यह छूट नव वर्ष से पहले और नववर्ष के बाद लगभग दो सप्ताह तक रही। सरकार ने यह भी निर्देश दिए कि यदि कोई पर्यटक शराब पीकर झूम जाए, बहक जाए, आपे से बाहर भी हो जाए तो उसकी पुलिस में शिकायत न करके बा इज्जत उसके होटल तक छोड़ने की कोशिश की जाए। मतलब हिमाचली कवाब में हड्डी ना बने बल्कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा दें।
