
छतरी लेकर बरसाती पहनकर पूरी रात काम किया। विभाग की क्रेन स्काई लिफ्ट के साथ विभाग के कर्मचारी।
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा पिंजौर dakshdarpan2022@gmail.com. इस बार जुलाई के प्रथम सप्ताह में हुई बरसात पिंजौर क्षेत्र के पिंजौर हिमशिखा विराटनगर डीएलएफ और अमरावती क्षेत्र के लोगों के लिए कई तरह की दिक्कत लेकर आई। क्षेत्र की जनता को इस बरसात में पहली बार कई तरह का नुकसान झेलना पड़ा। बरसात में बिजली की लाइने गिरी, बिजली सप्लाई ठप हो गई अमरावती पुल की सड़क पानी में बह जाने से लगभग दो सप्ताह तक आवागमन बंद रहा। इसके अलावा पहाड़ और मिट्टी खिसकने से कई परिवारों को व्यक्तिगत क्षति भी हुई है। इन विपरीत परिस्थितियों में जिन लोगों ने आपदा वेरियर की तरह काम किया उनमें हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के कर्मचारी और अधिकारियों का नाम बहुत ही सम्मान से इसलिए लिया जा रहा है ।

बिजनेस आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारियों ने जान लड़ा दी।
एक रात को बिजली की आपूर्ति को बहाल करने के लिए विभाग के अधिकारियों और हिमशिखा क्षेत्र की विद्युत प्रसारण निगम की टीम ने युद्ध सत्र पर पूरी रात काम किया बरसात की स्थिति में बरसाती पहनकर काम किया और जब इस क्षेत्र के लोग बिजली की समस्या को लेकर धरना देने को तैयारी कर रहे थे तो उनके घरों के बिजली के बल्ब जगमगा उठे पंखे फर्राटे भरने लगे। हालात देखकर लगता था कि इस क्षेत्र में बिजली की सप्लाई कई दिनों तक बहाल नही हो पाएगी । कारण यह था कि इस क्षेत्र को फीड करने वाले बिजली के तीनों फीडर गिर गए थे । मतलब सारे खंभे गिर गए थे। ऐसे में हालात के अनुरूप फैसला लेते हुए जो भी संभव था वही काम सामूहिक जिम्मेदारी और टीम भावना के तहत पूरा किया गया। उस समय खंभे खड़े करके लाइन चलाना असंभव था जो अब भी पूरा नहीं हो रहा है ।ऐसे में यह योजना बनाई गई कि बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए कौशल्या नदी के पुल के साथ-साथ मोटी केबल एक्सेल पीके डाली जाए ।इसे रोहतक से मंगाया गया

जैसे हालत वैसी बात बेशक आती हो बरसात
मौके पर निगम की अपनी क्रेन स्काई लिफ्टर की मदद लेकर लाइन जोड़ने का काम तेज बरसात के दौरान भी जारी रखा गया। इसमें अहम बात यह है कि इस ऑपरेशन के दौरान जहां लगभग एक दर्जन लाइनमैन अस्सिटेंट लाईनमैन तकनीकी स्टाफ अपने काम में लगा हुआ था वहीं उनका हौसला बढ़ाने और दिशा निर्देश देने के लिए संबंधित एसडीओ सत्यवान नैन तथा एक्शियन ललित कुमार मौके पर मौजूद रहे और सुबह 4:00 बजे अपने घर वापस गए। इस क्षेत्र में बिजली के तीन फीटर हैं पहली बरसात में हिमशिखा फाइटर को फीड करने वाला पार्वती फीडर गिर गया फिर उस लोड को मल्लाह फीडर पर डालकर कम चलाया गया तो रात को वह भी गिर गया सुबह होते-होते तीसरा फीडर सीआरपीएफ भी गिर गया ।

ऑपरेशन पूरा होने पर चेहरे पर खुशी आना स्वाभाविक है। यह है विद्युत प्रसारण निगम के आपदा बैरियर।
ऐसे में जहां स्थिति हौच पौच हो जाती है वहीं नई व्यवस्था करना उसे दिशा देना बहुत मुश्किल काम होता है परंतु पिंजौर उपमंडल के कर्मचारियों और अधिकारियों ने इस आपदा में वेरियर की तरह काम करके न केवल विद्युत सप्लाई बहाल की बल्कि लोगों का दिल जीतने का काम भी किया। इस संदर्भ में जननायक जनता पार्टी के नेता जिला के मीडिया प्रभारी जोरा सिंह ने दक्ष दर्पण से अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि विद्युत प्रसारण विभाग के लोगों ने जिस तरह से कम किया है उसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि वह इस स्थिति से हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को भी अवगत कराने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्युत प्रसारण निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना चाहिए। इस मामले में पता चला है कि विद्युत प्रसारण विभाग के अधिकारियों ने इस क्षेत्र में नई अपेक्षा के अंतर्गत बड़े विद्युत टावर लगाकर विद्युत सप्लाई करने की योजना बनाई है ऐसा इसलिए किया गया कि भविष्य में फिर ऐसी नौबत न आए । कौशल्या नदी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के संबंधित लाइनमैन रोहित कुमार लाइनमैन राजीव कुमार ए एल एम विद्या दत्ता एएलएम राहुल ए एल एम प्रदीप यादव एएनएम अजमेर सिंह ए एल एम जगदीश एएल एम मोहन सिंह ने जो काम किया वह ड्यूटी से कहीं ज्यादा समर्पण और दिल से किया गया। कर्मचारी स्वयंसेवकों की तरह अपने ऑपरेशन को पूरा करने पर लगे रहे और उनकी इस मेहनत से ही एक ही दिन में बिजली की आपूर्ति बहाल हो गई। इसके लिए विद्युत प्रसारण निगम सब की प्रशंसा का पात्र है।
