सरिता धीमान
दक्ष दर्पण समाचार सेवा ।
नारायणगढ़। हरियाणा प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनी ही पार्टी के पांच विधायकों को नोटिस दिए जाने व विधायकों पर क्रॉस वोट करने का आरोप लगाने के बाद से प्रदेश में विभिन्न चर्चाओं का दौर जारी है। जहां विधायक क्रॉस वोटिंग के आरोप को सिरे से नकार रहे हैं वहीं राज्यसभा चुनाव के पर्यवेक्षक द्वारा इनके खिलाफ क्रॉस वोट करने की रिपोर्ट हाईकमान को भेजी गई है। कांग्रेस नेता चौधरी भूपिन्द्र सिंह हूडा तो क्रॉस वोट करने वाले विधायकों से विधायक के पद से त्याग पत्र देने बारे बयान भी दे चुके हैं। नोटिस का जवाब देने का समय समाप्त हो चुका है और अब इन विधायकों बारे अंतिम निर्णय कांग्रेस पार्टी हाईकमान लेगा। विधानसभा नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी को भी क्रॉस वोट करने के आरोप में पार्टी द्वारा नामित किया गया है। शैली चौधरी पर क्रॉस वोट करने के लगाए गए आरोप व कांग्रेस पार्टी की विधायक गीता भुक्कल द्वारा विधायक शैली चौधरी के बारे की गई टिप्पणी से नाराज शैली चौधरी के पति व हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुज्जर ने अपने पद व कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया व विधायक गीता भुक्कल को लीगल नोटिस दिये जाने की बात कही थी। गीता भुक्कल से नाराज रामकिशन गुज्जर ने उन्हें अपनी सीमाओं में रहने की नसीहत भी दे डाली। उन्होंने कांग्रेस पार्टी में उनके खिलाफ साजिश होने के आरोप भी लगाए और कहा कि विधायक शैली चौधरी ने क्रॉस वोटिंग नहीं की है। कांग्रेस पार्टी में मामला पसंद व नापसंद का चल रहा है और वे काफी समय से बहुत कुछ झेल रहे हैं। अब विधानसभा नारायणगढ़ में लोगों में गुज्जर दम्पति के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अगर गुज्जर दम्पति कांग्रेस पार्टी से अलग राह अपनाते हैं तो हलका नारायणगढ़ के साथ-साथ लोकसभा अम्बाला की 9 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को भारी नुक्सान होने की संभावना है और यदि गुज्जर दम्पति किसी अन्य राजनीतिक दल में जाते हैं तो उस दल को रामकिशन गुज्जर के रूप में जनता से जुड़ा एक बड़ा नेता मिल जायेगा जो उनके लिए एक बड़ी ऐसेट का काम करेगा। राजनीतिक क्षेत्र में दिन रात एक कर मेहनत करने वाले रामकिशन गुज्जर को कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी के चलते काम करने का पूरा मौका नहीं मिला। गुज्जर में आम लोगों के साथ-साथ अन्य दलों के वोटरों को भी अपनी ओर आकर्षित करने की काबलियत है लेकिन कांग्रेस पार्टी आपसी गुटबाजी के चलते गुज्जर की काबलियत का पूरा लाभ नहीं उठा सकी। रामकिशन गुज्जर की राजनीति में कार्यशैली ऐसी है कि हलका नारायणगढ़ व आस पास के क्षेत्रों में लोग उनके सीधे तौर पर जुड़े हैं। रामकिशन गुज्जर, उनकी धर्मपत्नी विधायक शैली चौधरी व उनके छोटे भाई बिरेन्द्र सिंह गुज्जर उर्फ सोमा भाई यानि रामकिशन गुज्जर का पूरा परिवार हलका नारायणगढ़ व आस पास के हलकों में लोगों के सुख दु:ख में शिरकत करते हैं व लोगों के साथ सीधा जुड़ाव रखते हैं। अगर गुज्जर दम्पति कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहते हैं तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के उनके निर्णय के साथ जाने की संभावना है। हालांकि कुछ कार्यकर्ता अभी असमंजस में हैं। वहीं रामकिशन गुज्जर ने अपने कार्यकर्ताओं एवं हलके के लोगों से मिलकर व बातचीत कर निर्णय लेने की बात कही है और वे निरंतर अपने कार्यकर्ताओं से मिल भी रहे हैं।

