
गौरव राजपुरोहित
दक्ष दर्पण समाचार मुम्बई।
हरियाणा में लॉरेंस विश्नोई गैंग और बंबीहा गैंग के बीच शराब कारोबार को लेकर गैंगवार छिड़ गया है। हरियाणा राज्य में कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और अंबाला के इलाकों में बंबिहा गैंग और लारेंस विश्नोई गैंग के बीच गैंग वॉर चल रहा है। फायरिंग, मर्डर, सोशल मीडिया पर धमकी और कबूलनामा जैसी गतिविधियां घटनाओं को साबित कर रही हैं। दोनों गैंग अपने मकसद के लिए शराब ठेकेदारों को निशाना बना रहे हैं। इन वारदातों से हरियाणा राज्य में शराब के कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। पिछले महीने 27 मई को गोबिंदपुरी रोड पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। वारदात के वक्त बदमाशों ने 10 से 12 राउंड फायर किए थे। इसके बाद उन्होंने पर्ची फेंककर बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस जांच में पर्ची में बंबीहा गैंग का नाम लिखा था। इस मामले में पुलिस की फौरन कार्रवाई शूरू कर दी है। 13 जून की शराब कारोबारी की हत्या अभी हाल ही में 13 जून को कुरुक्षेत्र के शाहबाद में ठेकेदार शांतनु की बदमाशों ने 7 गाोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में शांतनु के परिजनों ने पुलिस को सबूत के तौर पर एक ऑडियों भी दी है, जिसमें शांतनु को पीपली पैराकीट और शाहबाद हाईवे के ठेके नहीं लेने की धमकी दी गई थी। बता दें कि शांतनु ने भी शाहाबाद शहर के 2 मुख्य ठेकों समेत कुल 18 शराब ठेके अपने नाम पर लिए थे। इन ठेकों की कीमत करीब 19 करोड़ रुपए में तय हुई थी। इन ठेकों को 12 जून तक नेशनल हाईवे-44 पर चलाने की अनुमति दी गई थी। समय पूरा हो जाने के बाद शांतनु इन ठेकों को हाईवे से हटाकर शिफ्ट करने में लगा था पिछले साल दिसंबर में भी यमुनानगर के लक्खा खेड़ी गांव में शराब कारोबारी अर्जुन उन्हेड़ी, वीरेंद्र राणा और पंकज मलिक की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर लारेंस विश्नोई के करीबी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और गैंगस्टर काला राणा ने ली थी। सोशल मीडिया पर बदमाशों ने यह भी कहा था कि जो उनकी मर्जी के खिलाफ ठेका लेगा उसका यही अंजाम होगा। इस तरह की कईं वारदात हरियाणा में हो चुकी है। जिनका संबंध गोल्डी बराड़, लॉरेंस विश्नोई और बंबीहा गैंग से जुड़ा हुआ बताया जाता है। इस मामले में हरियाणा पुलिस के डीएसपी हेड क्वार्टर सुनील कुमार का कहना है कि सीआईए-1, सीआईए-2 समेत 7 टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा अंबाला की हरियाणा एसटीएफ कि भी मदद ली जा रही है। हरियाणा पुलिस का कहना है कि संभावना है कि आरोपी पड़ोसी राज्य पंजाब और यूपी में छिपे हो सकते हैं। इन राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। दोनों गैंग के बीच गैंगवॉर का असर शराब ठेकों की नीलामी पर भी पड़ा है। गैंगवार की वजह से यमुनानगर में 55 जोन में केवल 10 की नीलामी हुई है। कुरुक्षेत्र में सभी 26 जोन के ठेकों की नीलामी हो चुकी है। बाकी जोन में कारोबारी आगे आने से डरे हुए हैं। कारोबारियों और ठेकेदारों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
