
दक्ष दर्पण
चण्डीगढ़।
सफाई कर्मचारी आंदोलन में एक बार मीटिंग की असफलता के बाद सरकार द्वारा वार्ता को सिरे से नकारे जाने के बाद भी विशेष कर महिला सफाई कर्मचारियों के प्रति चिंतित होकर व सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के स्थाई समाधान को देखते हुए पूर्व सीपीएस श्री राजकुमार वाल्मीकि ने जो प्रयास किया है उसके लिए वह समाज की ओर से धन्यवाद के पात्र हैं। यह कहना है समाज के अग्रणी प्रतिनिधियों का।
वाल्मीकि समाज के अग्रणी नागरिकों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि राजकुमार वाल्मीकि के प्रयास से 14 मे से 13 मागों पर सरकार की मोहर लगी है।
बयान में कहा गया कि बेशक उनके प्रयास से नौकरी पक्की करने की मांग सिरे नहीं चढ़ सकी परंतु प्रयास प्रशंसनीय रहे।
वही सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रति माह सैलरी में 1000 या 1500 बढौतरी की बजाय लगभग 7 000 की बढ़ोतरी के साथ 26000 सैलरी दिलवाने
व जल्द ही निकलने वाली 6800 हजार पक्की भर्तीयों में इन्हीं कच्चे कर्मचारियों को प्राथमिकता सुनिशचित करवाए जाने बारे
व कच्चे कर्मचारियों को भी रिटायरमेंट पर पहले से अधिक रुपए दिलवाए जाने जैसे अथक प्रयास काबिले तारीफ रहे हैं। बयान में कहा गया कि हम सब राजकुमार वाल्मीकि का समाज की ओर से आभार प्रकट करते हैं
वहीं अपने ही समाज के नेताओं के ऐसे प्रयासों के उपरांत नरेश शास्त्री द्वारा विरोधी नारे लगवाना अशोभनीय व राजनिति से प्रेरित है।
