
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़:
भाजपा के नेता और पूर्व सीपीएस राजकुमार वाल्मीकि ने कहा है कि सर्व कर्मचारी संघ के नेता नरेश शास्त्री का सफाई कर्मचारियों को लेकर असली चेहरा सामने आ गया है। यह साबित हो गया है कि वह कर्मचारियों के कल्याण के नाम पर अपना हित साधने की फिराक में है लेकिन जो हो रहा है उस पर सफाई कर्मचारी ही नहीं बल्कि हरियाणा की जनता की भी पैनी नजर है। उन्होंने कहा कि श्री शास्त्री अपने एक बयान में उस समय एक्सपोज हो गए जब उन्होंने कहा कि हम कर्मचारियों के लिए 34000 मासिक न्यूनतम वेतन चाहते हैं ।
श्री वाल्मीकि ने कहा कि मंगलवार को चंडीगढ़ की महत्वपूर्ण मीटिंग में इसी सवाल पर शास्त्री न केवल आपे से बाहर हो गए थे बल्कि मीटिंग छोड़कर भी निकल गए थे।यदि वह सफाई कर्मचारियों का भला चाहते थे तो यही बात कहने के लिए वह बैठक में रुके क्यों नहीं। ज्ञातव्य है कि बैठक में उनसे इस सवाल पर जैसे ही जवाब मांगा गया था वे बौखला गए और ऊल जुलूल बातें करते हुए बैठक छोड़कर भाग गए। आज मंच पर 34000 वेतन की बात कर रहे हैं यही बात तो उस समय करनी थी जो नहीं की गई ।जानबूझकर मामले को बिगाड़ दिया गया। उन्हें डर था कि इसका श्रेय राजकुमार वाल्मीकि को न मिल जाए। इसीलिए बनी बनाई बात बिगड़ गई। श्री राजकुमार वाल्मीकि ने कहा कि यही 34000 की बात उस मौके पर भी कहीं जा सकती थी जब इसकी जरूरत थी। उन्होंने कहा कि आज लोगों के बीच में आकर भाषण झाड़ने का क्या औचित्य है।
राजकुमार वाल्मीकि ने कहा कि सैकड़ो कर्मचारी काम पर लौट आने की खबर को नरेश शास्त्री अपने ही ढंग से पेश कर रहे हैं और समय अनुसार उचित फैसला लेने वाले कर्मचारियों को कमजोर दिल का बता कर यह साबित कर रहे हैं कि उनका मकसद कुछ और है।
उन्होंने कहा कि बहुत कर्मचारियों ने उन्हें टेलीफोन करके अंदर की बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर
की है ।उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले हैं। सफाई कर्मचारियों को न्याय दिलवाना उनका मकसद है।
