चंद्र मोहन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने जनवरी 1996 में रखी थी नानकपुर पॉलिटेक्निक की आधारशिला, आज हजारों विद्यार्थियों को मिल रही तकनीकी शिक्षा

दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पिंजौर 28 अगस्त 2026।
करीब तीन दशक बाद पंचकूला के विधायक एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्र मोहन पिंजौर के गांव नानकपुर स्थित पॉलिटेक्निक संस्थान पहुंचे। यह संस्थान चंद्र मोहन के लिए महज एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि उनके पिता एवं हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की विकास सोच और क्षेत्र के साथ जुड़ी यादों का हिस्सा भी है। चंद्र मोहन ने संस्थान का दौरा कर यहां की वर्तमान व्यवस्था और गतिविधियों का जायजा लिया तथा पुराने दिनों की यादें साझा कीं। शिक्षण संस्थान के स्टाफ ने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्र मोहन के पहुंचने पर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर चंद्र मोहन के साथ हरियाणा प्रदेश के पूर्व सचिव विजय बंसल एडवोकेट, आदर्श यादव अरुण, मादरा सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद थे।

दरअसल, जनवरी 1996 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने नानकपुर पॉलिटेक्निक, बिटना आईटीआई और गांव कजियाना में पर्यटन केंद्र की आधारशिला रखी थी। उस समय क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना गया था।
विधायक चंद्र मोहन ने कहा कि नानकपुर पॉलिटेक्निक और बिटना आईटीआई आज क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। इन संस्थानों में हर वर्ष हजारों विद्यार्थी विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। खास बात यह है कि इन संस्थानों का लाभ केवल पिंजौर-कालका क्षेत्र के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले छात्र भी यहां तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
बता दें कि चंद्र मोहन के दौरे को करीब 30 वर्ष पहले शुरू हुई विकास यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। पॉलिटेक्निक और आईटीआई जैसे संस्थानों ने क्षेत्र के युवाओं को उनके घर के नजदीक तकनीकी शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
दौरे के दौरान चंद्र मोहन ने संस्थान से जुड़े पुराने संस्मरणों को याद किया। उन्होंने कहा कि करीब तीन दशक पहले जिन संस्थानों की आधारशिला रखी गई थी, वे आज हजारों युवाओं के भविष्य को संवारने का काम कर रहे हैं। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बदलते समय के साथ ऐसे संस्थानों में आधुनिक तकनीक, नए पाठ्यक्रम और बेहतर सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि केवल इतना ही नहीं पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्र मोहन के प्रयासों से एक ही दिन में हरियाणा के एकमात्र पहाड़ी क्षेत्र मोरनी में पॉलिटेक्निक कॉलेज और पंचकूला के सेक्टर 26 में भी पॉलिटेक्निक कॉलेज की आधारशिला रखी गई थी। जहां एक ओर बेहद पिछड़े हुए क्षेत्र मोरनी के छात्रों को पॉलिटेक्निक में 50% का आरक्षण देने का प्रावधान रखा गया था वही नानकपुर पॉलिटेक्निक और बीटना आईटीआई के दाखिले में भी स्थानीय गांव के छात्रों को पांच -पांच प्रतिशत तक आरक्षण देने का प्रावधान रखा गया था। विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थान कालका विधानसभा ही नहीं बल्कि जिला पंचकूला के छात्रों के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में मिल का पत्थर साबित हुए हैं। जबकि इससे पूर्व तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्थानीय छात्रों को अंबाला, हिमाचल प्रदेश के सोलन और पंजाब के दूर दराज के आईटीआई या पॉलिटेक्निक कॉलेज में जाना पड़ता था। कालका विधानसभा जिला पंचकूला वासियों के लिए सभी शिक्षण संस्थान तत्कालीन कालका विधायक चंद्र मोहन के प्रयासों और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की दूरदर्शी सोच का नतीजा है।

