दक्ष दर्पण समाचार सेवा
फतेहाबाद, 28 अगस्त । एक बात तो देखी गई है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता धरने हड़तालों को लेकर आमतौर पर गंभीरता का परिचय नहीं देते । ऐसा लगता है कि इस मामले में पार्टी के लोग बहुत ज्यादा संजीदा भी नहीं होते। फतेहाबाद में भी सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल के 23वें दिन में प्रवेश कर गई है। बीती आधी रात को शहर में स्थिति अचानक हंगामा पूर्ण हो गई और आक्रोशित कर्मचारियों का गुस्सा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को सूचना मिली थी कि वार्ड नंबर 4 के पार्षद प्रतिनिधि मनोज नारंग सन्यास आश्रम रोड से शहर का कूड़ा हटवा रहे हैं। इस बात से नाराज कर्मचारी रात करीब 11 बजे बाद नारेबाजी करते हुए सन्यास आश्रम रोड पहुंचे और वहां जमा सारा कूड़ा पूरे रास्ते पर बिखेर दिया। उग्र सफाई कर्मचारियों ने इतने पर ही बस नहीं किया, बल्कि वे काफी मात्रा में कचरा ऑटो रिक्शा में लाद कर सीधे पार्षद किरण व मनोज नारंग के घर पहुंचे और सारा कूड़ा उनके मुख्य दरवाजे के बाहर ढेर कर दिया। देर रात तक पार्षद के घर के बाहर जमकर हंगामा हुआ और सरकार तथा पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ नारेबाजी की गई। हालांकि, घटना के वक्त पार्षद व उनके पति मौके पर मौजूद नहीं थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के स्थानीय लोगों और पुलिस ने किसी तरह कर्मचारियों को समझा-बुझाकर वहां से रवाना किया। वहीं इस बात को लेकर शहर में चर्चाओं का माहौल गर्म रहा। लोगों का कहना है कि मनोज नारंग ने राखी के पर्व पर वही किया, जो एक एमसी को अपने वार्ड के लिए करना चाहा। लोग गंदगी से त्रस्त हैं तो उन्होंने गंदगी हटवाकर कुछ गलत नहीं किया, लेकिन वार्ड के लोगों ने हंगामे के दौरान जिस तरह से आंखें मूंद ली, यह भी चिंता का विषय है।

