
दक्ष दर्पण
हिसार: महिला काव्य मंच की हिसार इकाई द्वारा ऑनलाइन मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में पानीपत इकाई की अध्यक्ष रेणु शर्मा की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति रही।हिसार इकाई की अध्यक्ष पूनम मनचंदा ने गोष्ठी की अध्यक्षता एवं मंच संचालन किया। माँ शारदे के वंदन के उपरांत कवयित्री समीक्षा जैन ने अपनी कविता ‘वही है समय,समय एक ही है पर सबकी अलग-अलग है इसकी परिभाषा,सुख में समय के लग जाते हैं पर दुःख में वही समय बन जाता है पहाड़’ सुनाकर सभी से सराहना पाई।कवयित्री शिल्पा खन्ना ने अपनी बेहतरीन कविता ‘किसी ने सच ही कहा है, जिसको अपना मानो, वही दिल दुखाता है,वरना क्या मजाल किसी की, जो यूँ ही किसी को रुला पाता है’ से अपनों द्वारा दिये गए कष्टों की विसंगतियों पर ध्यान खींचा।कवयित्री नम्रता गोयल ने अपनी रचना ‘जी हां उसे हरियाणा से हैं हम,जहां सही गलत का संदेश मिला था,गीता का उपदेश मिला था,धर्म तो तब भी न सहा था,तभी तो रण का बिगुल बजा था’ सुनाकर सभी का दिल जीत लिया।कवयित्री डॉ सुनीता जनावा ने सावन में श्रृंगार की कविता ‘सावन की रिमझिम फुहारों में,जब धरती हरियाली ओढ़ती है,तब नारी भी सजती,सँवरती हैअपने आत्मविश्वास से निखरती है’ सुनाकर सावन के अनुपम अहसास को सबमें जीवित कर दिया।कवयित्री नीलम सुंडा ने अपनी रचना ‘मैं अब ख़ुद को पहले से भी ज़्यादा पसंद करती हूँलोग पूछते हैं मुझसे के ऐसा क्या हुआ है अब जो तुम ख़ुद को पहले से भी ज्यादा पसंद करने लगी हो’ सुनाकर सभी से प्रशंसा पायी। कवयित्री दविना ठकराल ने अपनी कविता ‘इश्क़ की इबारत ख़ुद-ब-ख़ुद लिखती है,,इश्क़ में ग़ज़ल ख़ुद को ही गुनगुनाती है’ सुनाकर सभी की तालियाँ पायी।कवयित्री नीरज सोरखी की रचना ‘राखी तो बाँध दी उसने तस्वीर पर,कमरे में देर तलक एक हँसी रह गई’ को सभी ने खूब सराहा।मंच की सचिव उषा ठकराल ने अपनी रचना ‘ऐ मेरे हिंदुस्तान, तुझको नमन,हम सबकी दिल-ओ-जान, तुझको नमन’ से सभी में राष्ट्र प्रेम जागृत कर दिया।कवयित्री रेणु शर्मा ने अपनी रचना ‘रहता है वो मेरे हर फैसले में शामिल बिन शर्त
दुआ है रहे वो ता उम्र साथ मेरे ..बिन शर्त’ सुनाकर सभी का मन मोह लिया।कवयित्री पूनम मनचंदा ने राखी के पर्व पर अपना गीत ‘फिर से आया लौटकर राखी का ये त्यौहार है,भाई बहिन में प्यार की होनी फिर बौछार है’ सस्वर सुनाकर गोष्ठी को उत्कर्ष पर पहुंचा दिया।मंच की अध्यक्ष पूनम मनचंदा ने सभी कवियित्रियों का पधारकर काव्य सरिता बहाने पर आभार व्यक्त किया।
