
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा ।
चण्डीगढ़।
(पॉलिटिकल डेस्क)
सद्भावना यात्रा में विपक्ष के नेता कांग्रेस के सूत्रधार राहुल गांधी ने स्पष्ट तौर पर यह संदेश दे दिया कि वह सद्भावना यात्रा के नायक पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के साथ खड़े हैं । उन्होंने एक बात विशेष तौर पर कही कि मैं खुद, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी, और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी उनके साथ हैं। यह बात उन कांग्रेसियों के गले की फांस बन सकती है जो इसे न केवल व्यक्तिगत यात्रा बता रहे थे बल्कि अब इस कार्यक्रम में जान बूझकर दूरी बनाने की गलती कर बैठे हैं। आपको पता है कि इस कार्यक्रम में जहां बृजेंद्र सिंह के समर्थक, कांग्रेस के नेता व कांग्रेस के शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित थे वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दो विधायकों को छोड़कर अन्य सभी विधायक और कई सांसद कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं कि यह सांसद दीपेंद्र हुड्डा की अपरिपक्व रणनीति का हिस्सा हो सकता है। क्योंकि वह खुद भी इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे।
मंच से जब बृजेंद्र सिंह ने यह एहतियाद बरतने के लिए कहा कि यहां नारे केवल कांग्रेस पार्टी के, श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी खड़गे साहब और सद्भावना यात्रा के ही लगाने हैं तो उपस्थित लोग इस भाव को अच्छी तरह से समझ रहे थे कि असल में यह संदेश है किसके लिए और इसका मकसद क्या है। बृजेंद्र सिंह ने न केवल कार्यक्रम की व्यवस्था को खुद देखा बल्कि एक संक्षिप्त परंतु भावपूर्ण भाषण देकर राहुल गांधी को विशेष तौर पर प्रभावित किया। बृजेंद्र सिंह की भाषण की शब्दावली सीमित, सार्थक और अर्थपूर्ण रही। बृजेंद्र सिंह भी राहुल गांधी की तरह फालतू बातें करने से बचते हैं।

बृजेंद्र सिंह ने हरियाणा में कांग्रेस में अपने सरोकारों को भी सामने रख दिया। लोगों ने देखा कि उन्होंने राहुल गांधी का मंच से सम्मान कांग्रेस के उन नेताओं के हाथ से करवाया जो पूरी तरह से उनके इज्जत के साथी के रूप में सामने आए हैं। राहुल गांधी को पगड़ी पहनाने का काम रणदीप सिंह सुरजेवाला ने किया ।राहुल गांधी को शाल भेंट करने की जिम्मेदारी कुलदीप शर्मा को दी गई और मोमेंटो दिया हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने। राहुल गांधी अब राजनीति को और हरियाणा की राजनीति को खूब अच्छी तरह से समझने लगे हैं ।यदि वह नहीं समझ रहे होते तो उनके गुरुग्राम पहुंचने का फैसला बदल सकता था। क्योंकि कोशिशें इस मामले में भी खूब हुई बताई गई है। गुरुग्राम में तो सद्भावना यात्रियों की थकान मिटी है अभी तो सद्भाव यात्रा का समापन समारोह बाकी है जो रोहतक में होगा ।

रोहतक में रैली की जा सकती है और इस रैली में भी राहुल गांधी पहुंच सकते हैं। यह सब हुआ तो फिर हरियाणा में कांग्रेस का कलेवर ही बदल जाएगा और ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस नए रंग में दिखाई देने लगेगी जिसमें शायद भूपेंद्र सिंह का परिवार नायक या निर्णायक भी ना रहे। समझदार लोग जानते हैं कि बृजेंद्र सिंह ने सद्भावना यात्रा यूं ही शुरू नहीं की थी । इसके पीछे प्रेरणा भी थी ,संकल्प भी भविष्य और संगठन का स्वरुप भी।
