
(पुनीत महाजन)
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चंडीगढ़।
आज ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी ऑफ चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन एवं एम.सी. एम्प्लाइज एंड वर्कर्स, चंडीगढ़ की जनरल कॉन्फ्रेंस हॉर्टिकल्चर दफ्तर, सेक्टर-23 सी, चंडीगढ़ के सामने आयोजित की गई। इस कॉन्फ्रेंस के मुख्य अतिथि संजय टंडन (सह-प्रभारी, हिमाचल प्रदेश, भारतीय जनता पार्टी) रहे।
कॉन्फ्रेंस शुरू करने से पहले हमारे हरमन प्यारे नेता ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी के कन्वीनर स्वर्गीय श्री अश्वनी कुमार को मौन रख कर श्रद्धांजलि दी।
इस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न यूनियनों—हॉर्टिकल्चर वर्कर्स यूनियन, सैनेटरी इंस्टॉलेशन वर्कर्स यूनियन, एम.सी.सी. वर्कर्स यूनियन, वाटर सप्लाई वर्कर्स यूनियन, ऑल ग्रुप-डी वर्कर्स यूनियन (एजुकेशन डिपार्टमेंट, चंडीगढ़), चंडीगढ़ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट एवं एम.सी. क्लास-4 एम्प्लाइज यूनियन तथा सी.टी.यू. वर्कर्स यूनियन—के लगभग 300 से 350 कर्मचारियों ने भाग लिया।
कॉन्फ्रेंस के दौरान सर्वसम्मति से सुरमुख सिंह को ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी का कन्वीनर चुना गया। यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को मुख्य अतिथि के समक्ष रखते हुए उनके शीघ्र समाधान की अपील की। संजय टंडन ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके यह मुद्दे सरकार के आगे रखे जाएंगे
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए।
हॉर्टिकल्चर विभाग में एस. डी. ओ. के रुलों में संसोधन पदोन्नति दी जाए।
रिक्रूटमेंट रूल्स में संशोधन कर पदोन्नति (प्रमोशन) के अवसर दिए जाएं।
हॉर्टिकल्चर विभाग में 15 हेड माली के खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाए।
ट्यूबवेल ऑपरेटर (MTS) के लिए साप्ताहिक विश्राम का वेतन: 1/24 × 365 × मज़दूरी को लागू किया जाए।
वर्ष 1996 के बाद नियुक्त डेली वेज कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
शिक्षा विभाग में कार्यरत चौकीदारों की ड्यूटी 8 घंटे निर्धारित की जाए।
एम.टी.एस. नियमों में संशोधन कर पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
चंडीगढ़ प्रशासन में कार्यरत डेली वेज कर्मचारियों को छठा एवं सातवां वेतन आयोग लागू किया जाए।
कांट्रैक्ट कर्मचारियों का एकमुश्त नियमितीकरण किया जाए तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी केंद्रीय भर्ती एजेंसी बनाई जाए।
10 वर्षों से अधिक सेवा पूरी कर चुके डेली वेज एवं कांट्रैक्ट कर्मचारियों को विशेष कैडर/सुपरन्यूमरेरी पदों के माध्यम से नियमित किया जाए।
शोषणकारी जेम पोर्टल आधारित आउटसोर्सिंग प्रणाली समाप्त कर हरियाणा कौशल रोजगार निगम जैसी पारदर्शी एजेंसी का गठन किया जाए।
“समान काम के लिए समान वेतन” के सिद्धांत को सख्ती से लागू किया जाए।
कॉन्फ्रेंस को सुरमुख सिंह, राजा राम, कमल कुमार, नरिंदर पाल सिंह, जगमोहन सिंह, कुलदीप सिंह, श्री राम सिंह, याद राम, राज कुमार, सुरिंदर पाल सिंह, बलबीर सिंह, हुकम सिंह, सतविंदर सिंह, रविंदर बिंदू, सुरिंदर शर्मा, बलविंदर सिंह पाबला, सरवन कुमार, संजय दूहन, श्री छांगा सिंह, मामराज, रंजीत बिल्ला एवं लालजीत ने संबोधित किया और कर्मचारियों के प्रमुख मुद्दे उठाए।
अंत में कर्मचारियों ने एक स्वर में नारा लगाया
“नए लेबर कोड रद्द करो!”
“नियमितीकरण हमारा संवैधानिक अधिकार है, कोई एहसान नहीं!”
