रोहतास जावला
दक्ष दर्पण समाचार सेवा dakshdarpan2022@admin
बहल ,14 मई, रविवार
आज मंढोली कलां गांव के ब्रह्माकुमारीज पाठशाला में अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया ।
मुख्य अतिथि BDPO रेणु लता यादव ने कहा की हिंदी शब्द कोष का सबसे छोटा शब्द है मां ।लेकिन दुनिया का सबसे ताकतवर रिश्ता है मां का ।
अगर माँ का साया सिर पर है तो जीवन की हर लड़ाई जीतना आसान है ।अपना अनुभव सुनाते हुवे बताया कि पिता का साया सिर से उठने के बाद एक अनपढ़ मां ने मुझे कामयाब बनाया ।इसलिए उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सैंकड़ों बच्चों को संकल्प दिलाया कि जीवन मे कितना भी अभावों से गुजरना पड़े पर अपनी मां का दिल कभी मत दुखाना । तोशाम सेवाकेंद्र प्रभारी बी के मंजू दीदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां का दिन हर रोज आता है केवल एक दिन नही ।एक दिन मनाना ये उन पश्चिम की संस्कृति है जहाँ 16वर्ष केबाद बच्चे माता पिता की परवरिश से मुक्त हो जाते हैं ।उन्होंने माताओं को वर्तमान समय अपनी जिम्मेवारी और कर्तव्यों को अधिक सजग होकर निभाने की सलाह दी । क्योकि आज एक मां केवल घर परिवार ही नही अपने कार्य क्षेत्र को भी बखूबी समय देती है इसलिए उसको तनाव मुक्त और प्रसन्न चित रहना आवश्यक है ।इसके लिए थोड़ा समय मेडिटेशन से मन के विचारों की गति को सीमित करने की कला सीखे तो मन पर प्रेसर महसूस नही करेगी और वर्तमान चुनोतियों का सामना कर पायेगी ।
बहल केंद्र प्रभारी बी के शकुन्तला ने कहा कि एक मां को समझदार शिक्षिका और तारणहार सद्गुरु की भूमिका भी निभानी होगी ।एक सफल मां वह जो अपनी सन्तान के लिए आज के मोबाइल व टी वी के तमोगुणी प्रभाव के वातावरण से बचाव का कवच बन कर रहे । पूर्व चेयर मेन सुशील केडिया ने कहा कि पहले जब हम बड़े अपने माता पिता का सम्मान करेंगे तब हमारे बच्चे भी हम से सीखेंगे । पश्चिम का अंधानुकरण करने से भारतीय परिवारों मे जो समस्याएं उतपन्न हो रही है उन्हें मिटाने में कानून की बजाय घर की महिलायें ही अधिक सक्षम हैं ।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी वर्कर,हेल्पर, आशा वर्कर, नर्स,स्कूल टीचर्स आदि कामकाजी दर्जन से उपर दोहरी भूमिका निभाने वाली महिलाओं को मोमेंटो और साहित्य देकर सम्मानित किया गया ।
इसके अलावा सेंकड़ों महिलाओ व बच्चों ने भाग लिया ।
बाल कलाकारों ने माँ तू कितनी अच्छी है गीत पर नृत्य के द्वारा सबको भाव विहल कर दिया ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि को शाल, मोमेन्टो, साहित्य व प्रसाद देकर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का समापन मां दुर्गा की चैतन्य झांकी की आरती से सम्पन्न हुआ ।
