पिता ने हेमा से पूछा तो जवाब मिला”मैं उसी से शादी करूंगी जिससे प्यार करती हूं।”

0
Spread the love

True story’ s

हेमा मालिनी को इतना तो पता था कि वो धर्मेंद्र की तरफ़ आकर्षित हैं। मगर उस वक्त उन्हें ये भी लगता था कि धर्मेंद्र संग उनका कोई फ़्यूचर नहीं होने वाला है। अपनी आत्मकथा “हेमा मालिनी: बियोन्ड द ड्रीम गर्ल” में हेमा जी ने लिखा है,”मुझे पता था कि मैं उनकी तरफ़ आकर्षित थी। लेकिन उस रिश्ते का कोई फ़्यूचर नहीं है। हम बस अच्छे दोस्त थे शुरुआत में। मुझे उनका साथ अच्छा लगता था। हम कई फ़िल्मों में साथ काम कर चुके थे। ऐसा भी एक वक्त आया था जब हम कुछ दिनों या हफ़्तों के लिए नहीं, महीनों तक साथ शूटिंग करते थे। इसलिए हर समय साथ रहने की आदत हमारी बन गई।”

वक्त जैसे जैसे बीतता गया, उनके प्रति अपनी भावनाओं को बयां करना। या यूं कहें कि डिफ़ाइन करना मेरे लिए मुश्किल होता चला गया। अगर सच कहूं तो उनसे शादी करने के बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था। जानबूझकर मुझे प्यार नहीं हुआ था उनसे। ये अजीब है। मगर मैं सोचा करती थी कि मैं जब भी शादी करूंगी तो उनके जैसे किसी आदमी से ही शादी करूंगी। लेकिन ये मैंने नहीं सोचा था कि वो धर्मेंद्र जी ही होंगे। ये मेरी किस्मत और मेरी सौभाग्य है।” हेमा जी ने ये भी बताया है अपनी बायोग्राफ़ी में कि धरम जी से उनके अफ़ेयर की खबरों से फ़िल्म पत्रिकाए भरी पड़ी थी। उनके और धर्मेंद्र के बारे में पत्रकार कुछ ना कुछ लिखते ही रहते थे। और इस वजह से उनके घर में टेंशन का माहौल रहने लगा था।

घर में जब ज़्यादा तनाव रहने लगा तो हेमा जी ने पत्रकारों से बात करना बंद कर दिया। दूसरी तरफ़ उनके पिता भी बहुत ज़्यादा टेंशन में आ गए। पिता ने घर पर पंडितों एंव ज्योतिषाचार्यों को बुलाना शुरू कर दिया। क्योंकि पिता जानना चाहते थे कि हेमा की कुंडली में क्या लिखा है। पिता वैसे भी हेमा की शादी में हो रही देरी से बहुत परेशान रहते थे। और जब धर्मेंद्र संग उनके अफ़ेयर की खबरें हद से ज़्यादा आने लगी तो उन्होंने खुद हेमा जी के साथ शूटिंग पर जाना शुरू कर दिया। जबकी पहले उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया था। पहले तो सिर्फ़ हेमा जी की मां ही उनके साथ शूटिंग पर जाती थी।

हेमा जी ने चरस(1976) फ़िल्म के दौरान की एक घटना का ज़िक्र भी किया है। चरस में भी हेमा जी के अपोज़िट धर्मेंद्र ही थे। चरस की काफ़ी शूटिंग आउटडोर हुई थी। खासतौर पर माल्टा में। तो पिता हेमा जी के साथ चलने की ज़िद चलने की ज़िद करने लगे। उस ज़माने में कलाकार व अन्य क्र्यू मेंबर्स को साथ में सफ़र करना पड़ता था। हेमा जी के पिता को ये बात अच्छी नहीं लगती थी कि हेमा जिस कार में चल रही हैं उसमें और लोग भी हों। दरअसल, उन्हें अच्छा नहीं लगता था कि धर्मेंद्र हेमा जी के नज़दीक बैठें। हेमा जी के पिता तमिल में उनसे कहते कि बीच में वो बैठेंगे। हेमा एक कोने में बैठें। मगर धरम जी अपनी चालाकी से हेमा जी के पिता की प्लानिंग को फ़ेल कर देते थे।

हेमा जी ने ये जानकारी भी दी है अपनी बायोग्राफ़ी में कि वैसे उनके पिता को धरम जी से कोई परेशानी नहीं थी। जब हेमा आस-पास नहीं होती थी तब धरम जी और हेमा जी के पिता के बीच बढ़िया बातें होती थी। मस्ती-मज़ाक भी होता था। उन्हें बस यही परेशानी थी कि उनकी बेटी एक शादीशुदा और बाल-बच्चोंदार इंसान के प्यार में ना पड़े। इसलिए जब धरम-हेमा के इश्क की बातें बहुत ज़्यादा फ़ैलने लगी तो आखिरकार एक दिन पिता ने हेमा जी से पूछ ही लिया कि क्या तुम सच में उससे प्यार करती हो? पिता ने हेमा जी से ये सवाल अचानक से पूछ लिया था। इसलिए हेमा जी को समझ नहीं आया कि वो पिता को क्या जवाब दें। मगर खुद को संभालते हुए और शरमाते हेमा जी ने अपने पिता से कहा,”मैं उसी से शादी करूंगी जिससे प्यार करती हूं।”

और चूंकि हेमा मालिनी धर्मेंद्र को ही चाहती थी। तो आखिरकार साल 1980 में उन्होंने धर्मेंद्र जी से शादी कर ली, जो पहले से ही शादीशुदा थे। और चार बच्चों के पिता थे। मगर हेमा जी के माता-पिता ने धरम जी को अपना दामाद स्वीकार कर लिया। हम और आप हमेशा से ही इस बात को सुनते आए हैं कि शादी करने के लिए धर्मेंद्र व हेमा मालिनी ने इस्लाम धर्म स्वीकार किया था। धर्मेंद्र ने अपना नाम दिलावर खान रख लिया था। और हेमा मालिनी का नाम रखा गया था आयशा बी। मगर धरम जी और हेमा जी, दोनों ही इस बात को खारिज करते हैं कि उन्होंने शादी करने के लिए अपना धर्म बदला था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *