गायत्री शक्तिपीठ टाबर पंचकूला में 24 कुंडिया गायत्री महायज्ञ शुरु।

दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पंचकूला 09 नवम्बर 2025(विजेश शर्मा)श्री वेद माता गायत्री शक्ति पीठ टाबर ,पंचकूला में 9 वे मूर्ति स्थापना दिवस पर अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के तत्वाधान में 24 कुण्डीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञापुराण कथा का शुभारंभ द्वितीय दिवस के उपलक्ष्य मे गृहस्थ जीवन

आज टावर गायत्री शक्तिपीठ मैं श्रीमद् भागवत प्रज्ञा पुराण की कथा और 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट मुख्य ट्रस्टी श्री सुरेन्दर सिंह तोमर की देख रेख मे किया गया और आज 56 सामूहिक दीक्षा हुई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में और शांतिकुंज हरिद्वार से आए संतों की टोली का स्वागत फूल माला और हार से किया। भारतीय संस्कृति में ऋषि परंपरा और संस्कारों के महत्व एवं वर्तमान युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए भारत को पुनः गौरवशाली राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से 4 दिवसीय प्रवास पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए टोली नायक सूरत सिंह अमृते जी ने कहा कि संस्कार हमारे जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं समाज में सम्मान से जीने का हक दिलाते हैं. व्यक्ति जैसा व्यवहार करता है वैसा ही उसके संस्कारों का प्रदर्शन होता है संस्कारों में ईमानदारी त्याग अनुशासन साहस परिश्रम आदि गुणों का समायोजन होता है. सुख की चाह में व्यक्ति आज सर्वत्र भटक रहा है सुख से बढ़कर है आनंद की प्राप्ति, सच्चा आनंद भक्ति और सत्संग में मिलता है इसके अलावा और कहीं नहीं. इस दौरान टोली ने भारतीय संस्कृति को गौरवशाली बनाने के लिए युवाओं महिलाओं व पुरुषों से समयदान देने का आह्वान कर नकारात्मक सोच दूर करने व राष्ट्र समाज के लिए कार्य करने हेतु शपथ दिलाकर नियमित ध्यान साधना करने का संकल्प दिलाया.शान्ति कुंज शताब्दी वर्ष के अंतर्गत टोली नायक कथा व्यास श्री सूरत सिंह अमृते जी के द्वारा मार्ग दरशनकिया जिसमें संगीत की टीम में श्री सोमवार साहे जी तथा नीरज जी एवं मनीष साहु भाई एवं बनबारी नैनी जी सम्मिलित थे. अखिल विश्व गायत्री परिवार , टावर के भाइयों बहनों उनके सहयोगियों ने हरिद्वार से आए हुए दल के सदस्यों का स्वागत किया कार्यक्रम से पूरे पंचकूला का वातावरण धर्ममय बन गया।
