
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ, 12सितम्बर:-इंडियन नेशनल लोकदल कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष बलवान सिंह दोदवा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया है कि हरियाणा के सरकारी विभागों में लगभग 1•50 लाख स्वीकृत पद खाली पङे हुए हैं और प्रदेश में बेरोजगारों की लम्बी कतार है, लेकिन इसके बावजूद भी
वर्षों से इन पदों पर भर्ती नही हो रही। इसे सरकार की नाकामी कहें या लापरवाही, इसका फैंसला खुद जनता करे। इन खाली पदों का खामियाजा न सिर्फ प्रदेश की जनता को भुगतना पङता है बल्कि समय पर भर्तीयां न होने से प्रदेश के युवा बेरोजगारी के कारण अपराध व नशे के दलदल में फंसते जा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारीयों पर भी काम का बोझ भी बढता जा रहा है।
दोदवा ने बताया कि खाली पदों की समस्या से जूझ रहे कई सरकारी विभाग सीधे जनता से जुङे हुए हैं जिसका खामियाजा किसी न किसी रूप में जनता को झेलना पङ रहा है। उन्होंन बताया कि अकेले पुलिस विभाग में 24 हजार स्वीकृत पद खाली पङे हुए हैं जिनमें से 22 हजार पद केवल कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के हैं। पुलिसकर्मियों की कमी की वजह से प्रदेश की जनता को पुरी सुरक्षा नहीं मिल पाती और अपराधिक मामलो की जांच प्रभावित हो रही है। स्वास्थ्य विभाग में डाक्टर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक 5700 पद खाली पङे हुए हैं। हस्पतालों में डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी होने से मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लगभग 4600 पद खाली हैं और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लगभग 16 हजार पद खाली पङे हुए हैं। अध्यापकों की भारी कमी के कारण विधार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में कुल 40 हजार 294 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 18 हजार 769 पद खाली पङे हैं। इसी तरह परिवहन विभाग में मकैनीकल स्टाफ के 80 प्रतिशत व चालक-परिचालक तथा लिपिकीय स्टाफ के लगभग 40 प्रतिशत स्वीकृत पद खाली पङे हुए हैं। जिसके कारण जनता को परिवहन सुविधा सुचारू रूप से नहीं मिल पा रही है। उन्होंन यह भी खुलासा किया कि हरियाणा के 65 रोजगार कार्यालयों में 4 लाख से ज्यादा बेरोजगार युवक पंजीकृत हैं। इनमें से
2•34 लाख 12वीं पास, 1लाख से ज्यादा स्नातक और 29,986 स्नातकोत्तर हैं। लाखों स्वीकृत पद खाली होने के बावजूद भी सरकार बेरोजगार युवकों को रोजगार देने में सक्षम नहीं है,जबकि प्रदेश के पढे लिखे लाखों बेरोजगार युवक रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरे खाते फिर रहे हैं लेकिन रोजगार नहीं मिल रहा।
जहां कर्मचारीयों की कमी का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पङ रहा हैं वहीं कर्मचारीयों को भी दोगुना काम करना पङ रहा है।
इनेलो नेता बलवान सिंह दोदवा ने यह भी बताया कि वर्ष 1980 तक हरियाणा की आबादी लगभग 1•25 करोङ और कर्मचारीयों की संख्या 4 लाख से अधिक थी, वहीं आज प्रदेश की आबादी लगभग 3 करोङ है और कर्मचारीयों की संख्या लगभग 3 लाख है। आबादी अनुपात के अनुसार जहां लाखों और पद सृजित होने चाहियें थे और बेरोजगार युवकों को रोजगार मिलना चाहिए था, वहीं पहले से सृजित स्वीकृत पद भी खाली पङे हुए हैं। आज सरकार प्रदेश के युवाओं के साथ एक भद्दा मजाक कर रही है और रोजगार न देकर अपराध व नशे के दलदल में धकेलने का काम कर रही है।
प्रदेशाध्यक्ष बलवान सिंह दोदवा ने यह भी वायदा कि अगर प्रदेश में इंडियन नेशनल लोकदल की सरकार बनती है तो पहले ही वर्ष जहां खाली पङे सभी पदों को भरने का काम करेगी,वहीं लाखों नये पद सृजित करके प्रदेश के बेरोजगारों को स्थाई रोजगार देने का काम करेगी।
