
डीडी न्यूज नेटवर्क।
कुरुक्षेत्र(वैष्णवी)।
क्रोनिक डिजीज लंबे समय तक या कहें जीवनभर साथ रहती हैं। इस तरह की बीमारियों में होम्योपैथी बहुत प्रभावी चिकित्सा पद्धति है। यह कहना है हरियाणा होम्योपैथी होम्योपैथिक काउंसिल के निर्वाचित सदस्य एवं जाने-माने होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ.आर.ऋषि का।
आज एक विशेष मुलाकात में उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, अस्थमा, गठिया, थायरायड असंतुलन जैसी क्रोनिक बीमारियां लोगों को तेजी से चपेट में ले रही हैं। ये धीरे-धीरे बढ़ती हैं और अनेक अंगों को प्रभावित करती हैं। ये आनुवंशिक कारणों से भी होती हैं, पर अधिकांश समस्याएं खराब जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों से ही जुड़ी होती हैं।क्रॉनिक बीमारियों के कारणों की चर्चा करते हुए डॉ. ऋषि ने बताया कि जंक फूड, शारीरिक निष्क्रियता, नींद की कमी और तनाव क्रोनिक बीमारियों के पीछे सबसे बड़े कारण हैं। डायबिटीज और थायरायड कुछ परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी चलता है। कुछ जगहों पर वर्ष भर प्रदूषण रहने और रासायनिक पदार्थों के प्रभाव में आने के कारण भी बीमारी होती है। डिप्रेशन, एंग्जाइटी जैसे कारण भी
शारीरिक बीमारियों को भी जन्म देते हैं।
क्रोनिक बीमारियों के उपचार की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि स्थायी विकल्प होम्योपैथी का सिद्धांत है-समान को समान से ठीक किया जा सकता है। यानी जिस पदार्थ से किसी स्वस्थ व्यक्ति में रोग के लक्षण उत्पन्न होते हैं, उसी पदार्थ की अत्यंत सूक्ष्म मात्रा रोगी को दी जाए; तो वह उसे ठीक कर सकती है। होम्योपैथी बीमारियों को समूल नष्ट करती है।यह विधा बीमारी के लक्षणों को दबाने के बजाय रोग के मूल कारणों पर काम करती हैं। सही कारण पहचान में आने के बाद उस व्यक्ति के संपूर्ण स्वरूप को ध्यान में रखकर दवा दी जाती है।व्यक्तिगत इलाज प्रत्येक रोगी की मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्थिति को देखकर दवा तय की जाती है। दो लोगों को एक ही बीमारी होने पर भी उनकी दवाएं अलग हो सकती हैं। पुरानी बीमारियों के स्थायी और साइड इफेक्ट फ्री इलाज के लिए होम्योपैथी एक भरोसेमंद और वैज्ञानिक विकल्प है।
डॉ. ऋषि के मुताबिक होम्योपैथिक दवाएं रोग को जड़ से खत्म करती हैं,जिससे बीमारी की पुनरावृत्ति न हो। ये डायल्यूटेड होती हैं, इसलिए इनसे कोई दुष्प्रभाव नहीं होते। ये शरीर की नैसर्गिक रोग प्रतिरोधक शक्ति को सक्रिय करती हैं।एलर्जी, एक्जिमा, सोरायसिस जैसे त्वचा रोगों में असरदार हैं। ये शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया को संतुलित करती हैं।थायरायड को नियमित करने में मदद करती है, जिससे वजन, मूड स्विंग,अनियमित मासिक धर्म आदि समस्याएं नियंत्रित होती हैं।होम्योपैथी सूजन और बलगम दोनों को नियंत्रित करती हैं और फेफड़ों को मजबूती देती हैं। कब्ज, एसिडिटी, गैस आदि को नियंत्रित करने में होम्योपैथी बहुत उपयोगी है।
