स्वरोजगार को बढ़ावा देना बैंक का उद्देश्य: राजबीर देशवाल।
संदीप राज्याण ने वृक्षारोपण को बताया भावी पीढ़ियों का निवेश।
बेरी में ऋण मेला एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।
180 महिलाओं को मिला 90 लाख का ऋण, जेएलजी राशि सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव निदेशक मंडल में जाएगा।
बेरी में ऋण वितरण व वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
संदीप राज्याण ने वृक्षारोपण को बताया सामाजिक दायित्व
महिलाओं को 90 लाख का ऋण, स्वरोजगार को मिली रफ्तार
ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, मौके पर हुआ समाधान।
बुटिक संचालिका ने उठाई मांग, अधिकारियों ने जताई सहमति।
दक्ष दर्पण समाचार सेवा। बेरी, 2 जुलाई। दी झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के तत्वावधान में दी बेरी बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति परिसर में ऋण मेला, ऋण वितरण समारोह एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों एवं बैंक ग्राहकों की समस्याएं भी सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा उनका मौके पर समाधान भी किया गया। साथ ही जिन महिलाओं का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है उनको अधिकारियों नें स्वीकृति पत्र प्रदान किए ताकि वे सम्बधित शाखा से स्वीकृत ऋण राशि प्राप्त कर सकें। मीडिया प्रभारी पं. लोकेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक द्वारा 1 अप्रैल 2025 से 2 जुलाई 2025 तक कुल 38 संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) के माध्यम से 180 महिलाओं को ₹90 लाख का ऋण वितरित किया गया है। इसके अतिरिक्त 21 लोगों को ₹1.21 करोड़ का निजी ऋण, 2 को ₹13 लाख की आरसीसी लिमिट, 10 को ₹1.80 करोड़ की सीसी लिमिट, 1 व्यक्ति को कार लोन एवं 2 स्वयं सहायता समूहों को ₹4.50 लाख का ऋण प्रदान किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक के कार्यवाहक चेयरमैन राजबीर देशवाल, विशिष्ट अतिथि के रूप में विकास अधिकारी प्रियवृत, एवं अध्यक्षता करते हुए स्थापना अधिकारी संदीप राज्याण उपस्थित रहे। इस अवसर पर बरहाणा गांव से पहुंची बुटिक संचालिका सोनिका अहलावत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने अपने व्यवसाय में 4 महिलाओं को रोजगार दिया हुआ है, परंतु संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) के अंतर्गत मात्र ₹50,000 तक का ऋण मिलता है जो उनकी व्यावसायिक आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने ऋण सीमा बढ़ाने की मांग रखी। इस पर विकास अधिकारी प्रियवृत ने कहा कि निदेशक मंडल की आगामी बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा कि जिन लाभार्थियों ने एक बार ऋण चुका दिया है, उन्हें दूसरी बार ₹75,000 और तीसरी बार ₹1,00,000 तक का जेएलजी ऋण भिवानी सहकारी बैंक की तर्ज पर दिया जाए। विकास अधिकारी ने कहा, “हम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्ध हैं। बैंक की योजनाओं को सरल और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है।” मुख्य अतिथि राजबीर देशवाल ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा कि बैंक का उद्देश्य केवल ऋण वितरित करना नहीं, बल्कि स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है। यदि किसी योजना के अंतर्गत लाभार्थी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसे आगे बढ़ने का और अधिक अवसर मिलना चाहिए। इस अवसर पर स्थापना अधिकारी संदीप राज्याण ने वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जीवन का आधार है। हमें केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनकी देखभाल कर उन्हें संरक्षित भी करना चाहिए। यह हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्व है। इस अवसर पर मुख्य रुप से ऋण विभागाधिकारी जीत सिंह, योजना व विकास संभाग अधिकारी भरत सिंह, केयर टेकर ईश्वर सिंह, क्लर्क कृष्ण गुलिया, रामकुमार कटारिया, शाखा प्रबन्धक बेरी संदीप मलिक, शाखा प्रबन्धक डीघल रजनीश कुमार, जगदीश काद्यान, पं. लोकेश शर्मा, प्रबन्धक चरण सिंह, नवीन क्र्लक, अनिल सैल्जमैन, दलबीर, अनिल काद्यान, अशोक कुमार, विजय कुमार, पूजा गहलोत, शकुन्तला, रेखा शर्मा, दर्शना खरहर आदि मौजूद है। कार्यक्रम के समापन में ग्रामीणों ने बैंक अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को लेकर जानकारी प्राप्त की एवं अपनी समस्याएं साझा कीं। अधिकारियों ने तत्परता से समाधान प्रस्तुत किए। इस अवसर पर कर्मचारियों, बैंक प्रतिनिधियों व आमजन की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।