उमर अब्दुल्ला के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस की तरफ से सुरिंदर चौधरी, सतीश शर्मा, जावेद अहमद डार, सकीना इटू, जावेद राणा ने मंत्री पद की शपथ ली है।


दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ़; उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर श्रीनगर में (एसकेआईसीसी) में अब्दुल्ला और मंत्रियों को शपथ दिलाई।
मेंढर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद अहमद राणा, रफियाबाद से जावेद अहमद डार, डीएच पोरा से सकीना इट्टू और सुरिंदर कुमार चौधरी को भी एलजी सिन्हा ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। सुरिंदर चौधरी ने नौशेरा से भाजपा के रविंदर रैना को हराया है। छंब विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में जगह दी गई।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं। वहीं, जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, सीपीआई नेता डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद रहे।
कांग्रेस का सरकार को बाहर से समर्थन।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के प्रमुख तारिक हमीद कर्रा ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी फिलहाल जम्मू-कश्मीर सरकार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो रही है। कांग्रेस ने केंद्र से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की जोरदार मांग की है, इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भी कई बार सार्वजनिक बैठकों में इसका वादा किया है। लेकिन जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया है। हम नाखुश हैं इसलिए फिलहाल हम मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो रहे हैं, उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
महबूबा मुफ्ती ने कहा
2019 के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत जख्म लगे’
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर को बहुत सालों के बाद अपनी एक सरकार मिली है। लोगों ने एक स्थिर सरकार चुनी है। जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत मुश्किल दौर है। 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत जख्म लगे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जो सरकार बनी है वो सबसे पहले इन जख्मों पर मरहम लगाने का काम करेगी। 5 अगस्त 2019 के फैसले से जो लोगों को जिस तरह की तकलीफों से दो चार होना पड़ रहा है उसको लेकर सबसे पहले प्रस्ताव पास करें और उस फैसले की निंदा करें।’
