
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
हिसार, 04 अक्टूबर।
ऑल इंडिया आंबेडकर महासभा (पंजी.) के तत्वावधान में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय स्थित फैकल्टी हाउस में “सामाजिक न्याय और समानता” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, समानता, संवैधानिक अधिकारों और संगठन के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ।

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश बहादुर ने कहा कि डॉ. आंबेडकर को किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं किया जा सकता। बाबा साहेब ने पूरे समाज के अधिकारों, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष किया तथा देश को ऐसा संविधान दिया, जिसमें प्रत्येक नागरिक के न्याय और समान अधिकारों की भावना निहित है।
प्रदेशाध्यक्ष रीना वाल्मीकि ने संगठन को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को महासभा से जोड़ने तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना सामाजिक परिवर्तन और संगठन का व्यापक विस्तार संभव नहीं है।

चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि बाबा साहेब की विचारधारा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनके विचार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचें। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि शिक्षा, समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर काम करें।
मनजीत कौर सम्मानित, सीताराम को हिसार की जिम्मेदारी
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में हिसार की सफाई सैनिक मनजीत कौर को उनके सेवा-कार्य के सम्मान में महासभा की ओर से मोमेंटो एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया।
वहीं संगठनात्मक विस्तार के तहत हिसार के वरिष्ठ समाजसेवी सीताराम को महासभा की ओर से हिसार की जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रधान पद से नवाजा गया। पदभार मिलने पर सीताराम ने महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश बहादुर, प्रदेशाध्यक्ष रीना वाल्मीकि तथा चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे तथा हिसार में बाबा साहेब की विचारधारा को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत सरकार के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी जे. के. खैरवाल ने की। उन्होंने बाबा साहेब के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को सामाजिक उत्थान का महत्वपूर्ण आधार बताया।
इस अवसर पर सुरजीत अटवाल, अमित कुमार अटवाल, अनीत चुटेला, सुनील खैरवाल, विक्रम, विजय खैरवाल, संदीप मलिक, लवकेश, जोने कुमार, सुखवीर सरोहा, विपिन सरोहा, काला राम, विजय, रामसिंह बारोटा, रामस्वरूप, राममूर्ति, शम्मी रत्ती सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिकों ने सम्बोधित किया तथा अपनी बाबा साहब के प्रति उपस्थित दर्ज करवाई।
संगोष्ठी में उपस्थित प्रतिनिधियों ने सामाजिक न्याय, समानता, महिला भागीदारी और संवैधानिक जागरूकता को मजबूत करने तथा बाबा साहेब की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
