
बलवान दोदवा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चण्डीगढ,11फरवरी:-इंडियन नैशनल लोकदल कर्मचारी प्रकोष्ठ के
प्रदेशाध्यक्ष बलवान सिंह दोदवा ने सरकार की 9वीं से 12वीं तक के हर बच्चे को 200 ग्राम दूध देने की योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि आज प्रदेश के बच्चों को सरकारी स्कूलों में दूध की बजाय शिक्षकों की ज्यादा
जरूरत है। बच्चे स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं न कि दूध पीने के लिए। इसलिए सरकार को चाहिए कि ऐसे मिथ्या प्रलोभन देने की बजाय स्कूलों में खाली पङे शिक्षकों के पदों को भरा जाए ताकि गरीब जनता के बच्चे अच्छी शिक्षा लेकर बढिया रोजगार प्राप्त कर सकें।
इनेलो नेता बलवान सिंह दोदवा ने बताया कि सरकारी स्कूलों में प्रदेश के ग्रामीण व आमतौर पर गरीब लोगों के बच्चे पढने के लिए जाते हैं, लेकिन स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी के चलते बच्चे पूर्ण रूप से शिक्षित नहीं हो पा रहे। आज भी उच्च शिक्षा विभाग के कालेजो में 50 फीसदी से ज्यादा जो लगभग 4600 हैं और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 16 हजार पद खाली पङे हुए हैं। लेकिन भाजपा सरकार शिक्षकों की भर्ती करने की बजाय तरह-तरह की लुभावनी योजनाएं लागू करके प्रदेश के ग्रामीण व गरीब तबके के बच्चों के भविष्य से खिलवाङ करने का काम कर रही है जो कि बङे शर्म की बात है। ऐसी लुभावनी योजनाएं लागू करके सरकार गरीब जनता का ध्यान भटकाने की कौशिक कर रही है। ऐसी योजनाऔ से जहां बच्चों का भविष्य खराब होगा वहीं भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। इसलिए सरकार ने इन योजनाऔ को लागू करने से पहले सरकारी स्कूल व कालेजों में मास्टर से लेकर प्रोफेसर तक के खाली पङे सभी पदों पर शिक्षकों की रैगुलर भर्ती करके शिक्षा से वंचित प्रदेश के सभी बच्चों को उचित शिक्षा दिलवाने का काम करना चाहिए। जब बच्चे उचित शिक्षा लेकर एक अच्छा रोजगार प्राप्त करेंगे तो वो खुद ही नहीं बल्कि अपने परिवार को भी घी-दूध खिलाने में सक्षम होंगे।
दोदवा ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश में इंडियन नेशनल लोकदल की सरकार बनेगी और चौधरी अभय सिंह चौटाला प्रदेश के मुख्यमन्त्री बनेंगे तो न केवल शिक्षिकों के खाली पङे सभी पदों पर रैगुलर भर्ती होगी बल्कि स्कूलों की संख्या बढ़ाकर ग्रामीण व गरीब तबके के बच्चों को उचित शिक्षा दिलवाने का भी काम करेंगें।
