
गौरव राजपुरोहित
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
मुंबई।
कहावत है कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है, यह कहावत गुजरात कि साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और असम जेल में बंद में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया पर सटीक बैठ रही है। दरअसल, हाल ही में पंजाब के बटाला में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां हरजीत कौर और सहयोगी करणवीर सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। सोशल मीडिया पर इस डबल मर्डर की जिम्मेदारी लारेंस विश्नोई के प्रतिद्वंदी बंबीहा गैंग ने ली। इसके बाद पूरी संभावना है कि लारेंस विश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया एक बार फिर साथ हो जाएंगे। गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया अब कुछ बहुत बड़ा करेगा, जिसमें लॉरेंस विश्नोई उसका साथ देगा। दिल्ली-एनसीआर तक इस गैंगवार का असर देखने को मिल सकता है। क्योंकि अंडरवर्ल्ड में अब-तक किसी गैंगस्टर ने किसी प्रतिद्वंदी की मां, बहन को नहीं मारा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दोनों गैंग और उन्हें सहयोग करने वाले गैंगस्टर्स और उनके गुर्गों पर नजर रख रही है। पुलिस सूत्र ने बताया, जग्गू गुरदासपुर के भगवानपुर गांव का रहने वाला है। वह पंजाब के अंडरवर्ल्ड का एक बड़ा नाम है। उसके खिलाफ हत्या, फिरौती, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे 128 केस दर्ज हैं। पंजाब के मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था। उसने इस मामले में लॉरेंस विश्नोई गैंग का साथ दिया था। मगर बाद में लारेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के बीच दुश्मनी हो गई थी। क्योंकि गोल्डी बराड़ को लगता था कि उसके भाई को पुलिस ने एनकाउंटर में जग्गू की मदद से मारा था। इसी के चलते गोल्डी बराड़ ने पंजाब जेल में जग्गू और उसके लड़कों को पिटवाया था कुछ लड़कों की हत्याएं भी करवाईं थीं। तभी से लारेंस विश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया में भी दूरी आ गई थीं। लारेंस विश्नोई की व्यक्तिगत रूप से जग्गू भगवानपुरिया से कोई दुश्मनी नहीं थी। यही कारण है कि लारेंस विश्नोई अब जग्गू भगवानपुरिया का साथ दे सकता है। वहीं गैंगस्टर नीरज बवानिया, गैंगस्टर कौशल चौधरी, गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, बंबीहा गैंग ये सब एक ही हैं। यही कारण है कि इस गैंगवार की तपिश दिल्ली-एनसीआर तक आ सकती है। सोशल मीडिया पर बंबीहा गैंग से जुड़े तीन गैंगस्टर्स डोनी बल बिल्ला मांगा, प्रभु दासुवाल और कौशल चौधरी ने इस हत्या कि जिम्मेदारी ली है। इनमें से दो गैंगस्टर हरियाणा के हैं। इन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला जिसमें लिखा ‘सत श्री अकाल मेरे सच्चे वीर को, बटाला में करणवीर का कत्ल हुआ है, इसकी जिम्मेदारी हम लेते हैं। यह जग्गू का सारा काम संभालता था। इसके पास जग्गू के हथियार और पैसे थे। आज हमने अपने भाई गोरे बरयाड़ की हत्या का बदला लिया है। करणवीर को गोरे की हत्या के बारे में सब पता था, फिर भी उसने जग्गू का साथ दिया। अब जो भी हमारे खिलाफ बोलेगा, उसे भी तैयार रहना होगा।’ इस पोस्ट से साफ हो गया कि हमला करणवीर पर होना था। मगर उसके साथ एसयूवी में जग्गू भगवानपुरिया की मां भी थी। वह भी मारी गईं।
