
दक्ष दर्पण
यमुनानगर ।
1954 में तेजली गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किया गया था जो कि बाद में माध्यमिक तथा फिर अपग्रेड होकर उच्च विद्यालय बना तथा 2023 में गांव वालों के भरसक प्रयास के बाद यह विद्यालय वरिष्ठ माध्यमिक बन गया । गाँव के ही डॉ जीत सांगवान ने बताया कि तेजली गांव के मौजिज लोगो ने तत्कालीन शिक्षामंत्री चौधरी कंवरपाल गुर्जर से मिलकर गांव के बच्चों के लिए इस स्कूल को अपग्रेड करवाकर सीनियर सैकंडरी बनवाया था जिसका असर यह हुआ कि स्कूल में 350 छात्र संख्या बढ़कर दो वर्षों के अन्दर लगभग 600 पंहुच गई थी। प्रवीण सांगवान ने बताया कि आसपास के गांव गधौली, दड़वा, भगवानपुर, मांडखेडी, भोजपुर, परवालो तथा लालद्वारा, चिट्टा मंदिर, सुन्दर नगर, मुंडा खेड़ा, डिम्पल सिनेमा आदि लगभग बीस कॉलोनियों के विद्यार्थी इस स्कूल में विद्या ग्रहण कर रहे थे। सन्नी सांगवान ने कहा कि छात्र संख्या बढ़ने के कारण हाई स्कूल की बिल्डिंग व क्षेत्र कम पड़ गया जिस कारण गांव वालों ने फिर से इक्ट्ठा होकर शिक्षा मंत्री जी से गांव के हाई स्कूल परिसर में प्राथमिक स्कूल व साईंमंदिर गली में स्थित प्राथमिक पाठशाला में सीनियर सैकंडरी स्कूल शिफ्ट कराया ताकि प्राथमिक पाठशाला का अधिक क्षेत्र होने के कारण यहां नई बिल्डिंग बनवाई जा सके।
गांव के ही युवा राजीव ने बताया कि शिक्षा विभाग के अभियंता ने 13 कमरों का एस्टीमेट बनवाकर पंचकूला निदेशालय में भिजवाया जिसके लिए दो करोड़ दस लाख रूपये पास भी हो गये किंतु तत्कालीन संसदीय चुनावों में आचारसंहिता लगने के कारण यह कार्य अटक गया। फिर अगले वर्ष पुनः एस्टीमेट बनवाकर भिजवाया तो दो करोड़ बीस लाख रुपये पास हुए किंतु फिर विधानसभा चुनाव की आचारसंहिता में यह भवन निर्माण का कार्य लटक गया। अब तीसरी बार विभागीय अभियंता ने पुनः 16 कमरो का एस्टीमेट बनाकर निदेशालय को भेजा है। कक्षा 6वीं से 12 वीं तक 12 सैक्शन है जबकि कक्षाकक्ष केवल 7 है तो 5 कक्षाएं सर्दी-गर्मी में बाहर बरामदें में ही बैठती है ।
गांव के ही सेवानिवृत्त एक्सियन अधिकारी जसमेर सिंह सांगवान ने बताया कि हमने गांव के मौजिज लोगों को साथ लेकर स्कूल के तत्कालीन कार्यवाहक मुखिया डॉ उमेश प्रताप वत्स से स्कूल के अपग्रेड कराने व सुधार के विषय में तीन-चार बार मीटिंग कर इस कार्य को मूर्त रूप दिया किंतु आज अपग्रेडेशन के चार वर्ष बाद भी न तो स्कूल में भवन निर्माण कार्य हुआ और ना ही कभी शिक्षको की कमी पूरी हुई है। गांव के ही निजि कॉलेज के संचालक रमेश कुमार ने कहा कि हमारे गांव को लेकर शिक्षा विभाग व हरियाणा सरकार की उदासीनता समझ से परे हैं। जब यह विद्यालय हाई स्कूल था तब 16-17 शिक्षक कार्यरत्त थे और अब यह सीनियर सकैंडरी स्कूल बन गया है छात्र संख्या भी लगभग डबल हो गई है तो मात्र 11 शिक्षक कार्य कर रहे हैं, 10-11 पद खाली पड़े हुए हैं। शिक्षामंत्री जी को बोलकर स्कूल का काम चलाने के लिए जो 6-7 शिक्षकों की डेपुटेशन कराई थी, जब से जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में मैडम प्रेमलता ने कार्यभार संभाला है वो सारी डेपुटेशन भी कैंसिल कर दी गई है। अब बिना शिक्षकों के विद्यार्थी क्या पढ़ाई करेंगे और वार्षिक परीक्षा भी सिर पर है, कई विषयों के अध्यापक है ही नहीं तो कई विषयों के तीन-तीन अध्यापकों का कार्य अकेला अध्यापक कैसे कर पायेगा। गांव के ही युवक अरविंद ने कहा कि शिक्षकों के अभाव में गिरते पढ़ाई स्तर को लेकर हमने 3-4 बार स्कूल का ताला जड़ने का प्रयास किया किंतु स्कूल स्टाफ के अनुरोध व इस आश्वासन पर कि शीघ्र ही अध्यापक आ जायेगें हम हर बार वापिस चले गए किंतु यदि इस बार भी हमारे गांव के स्कूल बारे सुनवाई नहीं हुई तो हम पर्मानेंट ताला जड़ देंगे। एक ओर तो हरियाणा सरकार शिक्षा पर ध्यान देने की बात कर रही है और दूसरी ओर भले चंगे चल रहे स्कूल का शिक्षकों व भवन के अभाव में सत्यानाश कर दिया गया है। हम समाचार पत्र के माध्यम से स्थानीय विधायक एवं विभाग से गुजारिश करते हैं कि शीघ्र ही तेजली सीनियर सैकंडरी स्कूल में स्थायी अथवा अस्थाई रूप से शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाये तथा चार वर्षों से लटके भवन निर्माण के कार्य को पूर्ण कराया जाये अन्यथा गांव वालों के गुस्से के जिम्मेवार आप लोग ही होंगे। इस अवसर पर गांव के डॉ जीत सांगवान, जसमेर सिंह, राजीव, सन्नी, रमेश कुमार, प्रवीण, अरविंद, परमीत सिंह व रणधीर आदि उपस्थित रहे।
