
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
नई दिल्ली।
इंग्लैंड के दौरे पर गई भारत की टीम को खुद भारतीय भी शायद बहुत मजबूत टीम नहीं मान रहे होंगे क्योंकि टीम के दो दिग्गज और स्तंभ बल्लेबाज और एक विश्व स्तरीय स्पिन गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं ।इसके अलावा टीम नए कप्तान के नेतृत्व में खेलने गई है। बेशक गेंदबाज के रूप में टीम इंडिया में जसप्रीत बुमराह एक बहुत बड़ी ताकत है लेकिन उनके साथ देने के लिए कोई विश्व विख्यात दूसरा कोई गेंदबाज नहीं है। टीम नए कप्तान के नेतृत्व में खेलने गई है। बल्लेबाजी में दो-तीन नए खिलाड़ियों को मौका मिला है परंतु इसी टीम ने पहले टेस्ट मैच में ही झंडा गाड़ने का काम कर दिया है ।यदि कप्तानी में कई चुक नहीं हुई होती और कैच नहीं टपका दिए होते तो भारत आज ही बहुत सुखद स्थिति में हो सकता था ।लेकिन अब भी भारतीय टीम का पलड़ा अपेक्षाकृत भारी नजर आ रहा है ।इसके बावजूद यहां कुछ चीज विशेष तौर पर गौर करने की है। एक तो यह कि यह मुकाबला निर्णायक नजर आ रहा है। जीते इंडिया या इंग्लैंड यह मैच ड्रॉ होने की स्थिति में दिख नहीं रहा ।इसका एक बड़ा कारण यह है कि इंग्लैंड इस मैच को ड्रा करने के लिए खेल ही नहीं रहा है और जब आर पार की बात होती है तो फिर फैसला भी होता है। अब मतलब आज इंग्लैंड के बल्लेबाजों को मारधाड़ का खेल खेलना पड़ेगा और लक्ष्य हासिल करने के लिए रिस्क लेना पड़ेगा और जब रिस्क लिया जाता है तो कई बार नुकसान भी होता है ।दूसरी महत्वपूर्ण बात यह देखी जानी है कि आज के खेल में भारतीय टीम के फील्डर किस तरह का प्रदर्शन करने वाले है। यदि टीम इंडिया लंच तक दो खिलाड़ियों को आउट करने में भी सफल हुई तो यह मैच और भी रोचक हो जाएगा पांचवें दिन विकेट टर्न हुई और अनुभवी भारतीय स्पिनर जडेजा इंग्लिश खिलाड़ियों को चकमा देने में कामयाब हो गए तो यह मैच जीता भी जा सकता है लेकिन निर्णायक शुरू के 10 ओवर और इनमें जसप्रीत बुमराह की परफॉर्मेंस पर सबकी नजर रहेगी। आप यह मन कर चलिए कि बेशक इंग्लैंड की टीम का बोलिंग अटैक कमजोर है लेकिन उसकी बल्लेबाजी मजबूत है और उसमें गहराई है और अब जो कुछ करना है बल्लेबाजों ने ही करना है कुल मिलाकर फिर एक बात साफ है कि इस मैच में भारतीय टीम के जीतने के आसार नजर आ रहे हैं।
