
दक्ष दर्पण पटना।
आत्महत्या करना शायद सबसे कठिन काम है लेकिन यह भी समझा जा सकता है कि व्यक्ति आत्महत्या तभी करता है जब उसके सारे रास्ते बंद हो जाते हैं। यह माना जा सकता है कि व्यक्ति किसी कारण से इतना डिप्रेशन में चला जाता है कि उसे इसके सिवाय कोई रास्ता ही नजर नहीं आता। बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के बेलवानिया गांव में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया हैं। एक पिता ने अपने चार बच्चों के साथ जहर खा लिया। इस हादसे में तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
बताते हैं कि इस व्यक्ति की पत्नी का कुछ समय पहले निधन हो गया था उसके बाद वह गुमसुम सा रहने लगा उसे बच्चों के लालन पालन में भी दिक्कत पेश आने लगी। डिप्रेशन में चला गया फिर गत दिवस उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने के साथ-साथ अपने बच्चों को भी जहर देकर मार देने की योजना बना ली और कोई जहरीला पदार्थ खुद भी पी लिया और बच्चों को भी पिला दिया ।जब सब की हालत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो गृह स्वामी के साथ-साथ उसके तीन बच्चों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया ।जो दो बच्चे बचे हैं वह भी जीवन और मौत के साथ संघर्ष कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बिहिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मौत के कारणों का पता कर रही है।
