
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चंडीगढ़ ।
मौजूदा सरकार की जनविरोधी और दमनकारी नीतियों के विरोध में हरियाणा कांग्रेस ने निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है। हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में 25 फरवरी प्रातः 11:00 बजे हरियाणा विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विधानसभा घेराव में हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल, प्रफुल्ल गुडथे, सांसद कुमारी शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, “मनरेगा बचाओ संग्राम” हरियाणा के समन्वयक श्री लखन सिंगला सहित सभी जिलों के जिला अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाग लेंगे और अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि आमजन के अधिकारों पर हो रहे निरंतर प्रहार को कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के मूल स्वरूप में बदलाव कर सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करने पर तुली हुई है। कांग्रेस द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को समाप्त करने की नीयत से सरकार निरंतर निर्णय ले रही है, जिससे जनता पर नई-नई परेशानियां थोपी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन में किए गए बदलाव बुजुर्गों के सम्मान पर सीधा आघात हैं। राशन कार्डों में नाम काटकर पात्र लाभार्थियों से खाद्य सुरक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। वहीं एचपीएससी के माध्यम से की गई भर्तियों में प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है, जिसकी कांग्रेस कड़ी निंदा करती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और आम जनता की आवाज को दबाने वाली नीतियों के खिलाफ पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। इसी क्रम में विधानसभा का घेराव कर सरकार को जनता की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और प्रशासनिक दमन ने आम नागरिक का जीवन कठिन बना दिया है। कांग्रेस पार्टी जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना संघर्ष निरंतर जारी रहेगा
इस संदर्भ में एक बात जरूर संभव है कि 25 फरवरी को कांग्रेस को विरोध प्रदर्शन की अपनी रणनीति बदलने को मजबूर होना पड़े। क्योंकि 24 फरवरी के भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा की ओर जो मार्च निकाला गया उससे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय के कामकाज पर असर पड़ने की खबर है। बताते हैं कि न्यायालय ने चंडीगढ़ के डीजीपी से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है जाहिर है कल के मार्च और प्रदर्शन को लेकर चंडीगढ़ पुलिस किसी तरह की शिकायत का मौका नहीं देना चाहेगी और संभव है कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मार्च करने से रोक दिया जाए और उन्हें पार्टी कार्यालय से निकलने ही न दिया जाए। पुलिस नेताओं की गिरफ्तारी के फार्मूले पर भी काम कर सकती है।
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