Press Note 02/02/2026

दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पंचकूला।
हरियाणा कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मूल स्वरूप में किए गए बदलावों और उसके नाम परिवर्तन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने न केवल योजना का नाम बदलकर ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी जी राम जी) कर दिया है, बल्कि इसके मूल उद्देश्य और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को भी कमजोर करने की कोशिश की है, जो ग्रामीण भारत के लिए अत्यंत हानिकारक है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने पूरे हरियाणा में व्यापक प्रदर्शन और आंदोलन छेड़ दिया है। इसी क्रम में पंचकूला में जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल करने, नाम परिवर्तन रद्द करने तथा ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों का वैधानिक रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह बदलाव ग्रामीण गरीबों के हक पर हमला है तथा महात्मा गांधी के नाम और विचारों का अपमान है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की देन है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों परिवारों को आजीविका का सहारा दिया। भाजपा सरकार द्वारा इसमें किए गए बदलाव गरीब-विरोधी हैं और पार्टी इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। हरियाणा कांग्रेस ने घोषणा की है कि यह आंदोलन गांव-गांव तक पहुंचेगा और मजदूरों के हकों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्षा सुधा भारद्वाज, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, सुषमा खन्ना, रविंद्र रावल, चंचल शर्मा, मुनीर, सुनीता मान सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
