डॉ आंबेडकर के सच्चे अनुयाई और दलितों के शुभ चिंतक कौन, जानता है सारा देश।विपक्ष मांगे माफी।

@दक्ष दर्पण
नई दिल्ली।
परम पूज्य अनंत श्री विभूषित श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री संजनानंद गिरि जी महाराज श्री निरंजनी अखाड़ा की ओर से कहा गया है कि संसद में विपक्ष ने डॉअंबेडकर के
नाम पर दुष्प्रचार करके न केवल औछी राजनीति की है बल्कि दलित समाज, देश के संविधान और इसके रचनाकार डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का अपमान भी किया है। इसके लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को माफी मांगनी चाहिए। संस्थान की ओर से कहा गया है कि संसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कथन को तोड़ मरोड़ कर गलत तरीके से प्रस्तुत करके विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती की है यह विपक्ष की मूर्खता भी साबित होगी । उन्होंने कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति यह मानने को तैयार नहीं की चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जैसा व्यक्ति ऐसी बात कदापि नहीं कर सकता।उन्होंने कहा कि दलित समाज और धर्म की जितनी रक्षा भारतीय जनता पार्टी ने और उसके दो बड़े नेताओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने की है उसे पूरे देश में महसूस किया जा रहा है ।कांग्रेस की स्थिति खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे वाली हो गई है ।
इस प्रकरण में आदरणीय श्री अमित शाह ने यह कहने की कोशिश की थी कि विपक्ष डॉ अंबेडकर का खाली नाम लेकर राजनीति न करें बल्कि उनके बताए हुए आदर्शों और उपदेशों का पालन करें। गृहमंत्री ने यह कहना चाहा था कि यदि कांग्रेस और उसके नेता और विपक्ष डॉक्टर अंबेडकर के बताए हुए मार्ग पर चलेंगे तो उनका कल्याण संभव है। मोक्ष से उनका तात्पर्य यही है।विपक्ष ने यह साबित करने की कोशिश की है कि उसकी करनी और कथनी में दिन-रात का अंतर है। ऐसे संवेदनशील मामले पर नेता विपक्ष को पहले तोलो फिर बोलो के स्वाभाविक विचार का अनुसरण करना चाहिए और इन दोनों नेताओं को माफी मांगनी चाहिए।
संस्थान की ओर से विपक्ष को संदेश दिया गया है कि वह इस मान्यता को भी स्वीकार करें कि, बुरा जो देखन मैं चला बुरा ना मिल्या कोए, जो मन देखा आपनो मुझसे बुरा न कोए।
गुरु माँ ने कहा कि गृहमन्त्री के संसद में उस समय के कथन का अर्थ केवल इतना था कि डॉ अंबेडकर को स्वार्थ और राजनीतिक पूर्ति के लिए याद करने के बजाय प्रतिपक्ष उनके बताएं मार्ग पर भी चले और राष्ट्र कल्याण के भाव के साथ एक बेहतर राजनीति की और अग्रसर हो उसका भी कल्याण हो जाए।
गुरु मां ने कहा के राष्ट्र योग्य और सशक्त ही नहीं अनुभवी हाथों में चल रहा है । इन परिस्थितियों में विपक्ष को केवल विरोध करने की नीति के स्थान पर सहयोग की राजनीति को भी प्रतिपादित करना चाहिए।
गुरु मां की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आज किसी भारतीय को यह बताने की जरूरत नहीं है कि संविधान के रचनाकार श्री भीम राव अम्बेडकर का सम्मान कौन कर रहा है और अपमान कौन करते रहे हैं। केवल चुनाव और वोट के नाम पर अम्बेडकर जी को याद करने वालो को उनका असली चेहरा अमित शाह द्वारा जनता के सामने लाया गया तो वह बौखला गए और दलितों को गुमराह करने की चेष्टा पर उत्तर आए। उन्होंने कहा कि विपक्ष समझ ले कि इस बात को दलित भी कैसे बर्दाश्त करेंगे।
