
दक्ष दर्पण
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर 2026।
ऑल इंडिया अम्बेडकर महासभा (रजि.), चंडीगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था, मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और नागरिकों के मताधिकार को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव कराने से नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने से होती है।
राजबीर सिंह भारतीय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भारत निर्वाचन आयोग से मांग की कि मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर स्पष्ट, तथ्यात्मक और पारदर्शी जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि 13.50 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का जो दावा किया जा रहा है, उसकी वास्तविक स्थिति, आधिकारिक आंकड़े और प्रक्रिया देश के सामने रखी जानी चाहिए। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसे अपना नाम दोबारा जुड़वाने और मताधिकार बहाल कराने का सरल एवं प्रभावी अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक पात्र नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार देता है। इसलिए मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। किसी भी पात्र मतदाता को प्रशासनिक त्रुटि, जानकारी के अभाव या प्रक्रिया की जटिलता के कारण अपने मताधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।
चुनाव आयोग स्वयं तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करे:
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं, तो उनका जवाब संबंधित संवैधानिक संस्था को आधिकारिक तथ्यों के आधार पर देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मामलों में राजनीतिक दलों के बयानों के बजाय निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्ट जानकारी और प्रमाणिक आंकड़े सामने क्यों नहीं रखे जाते?
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद है। जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए आयोग को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रहकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित करने की प्रक्रिया के बारे में भी आम नागरिकों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा जरूरी:
भारतीय ने कहा कि आज के युवाओं की आकांक्षाएं, रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीदें लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ी हुई हैं। युवाओं के मन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार का अविश्वास पैदा होना देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए चिंता का विषय है।उन्होंने कहा भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में हर मतदाता की आवाज का सम्मान होना चाहिए और असहमति को लोकतांत्रिक तरीके से अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।
गरीबों, मजदूरों, किसानों और वंचित वर्गों के मताधिकार की सुरक्षा हो:
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि गरीब, मजदूर, किसान, छोटे दुकानदार, महिलाएं और समाज के वंचित वर्ग लोकतंत्र की महत्वपूर्ण ताकत हैं। उनके मताधिकार की रक्षा करना निर्वाचन व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनसमस्याओं पर जनता को अपनी राय व्यक्त करने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम मतदान है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी राजनीतिक दलों को निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। किसी भी संस्था पर सवाल उठने का समाधान तथ्यों को छिपाना नहीं, बल्कि तथ्यों को सार्वजनिक करके जनता की शंकाओं का समाधान करना है।
राजबीर सिंह भारतीय की प्रमुख मांगें:
ऑल इंडिया अम्बेडकर महासभा, चंडीगढ़ प्रदेश की ओर से उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से निम्नलिखित मांगें कीं:
- मतदाता सूची से नाम हटाए जाने संबंधी 13.50 करोड़ के दावे की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की जाए और संबंधित आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं।
- मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
- जिन पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उनके नाम निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र बहाल किए जाएं।
- मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन से संबंधित शिकायतों के निवारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग जनता के सवालों का तथ्यात्मक जवाब देकर चुनाव प्रक्रिया में विश्वास मजबूत करें।
“मताधिकार की रक्षा ही लोकतंत्र की रक्षा है”:
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा, “बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संवैधानिक व्यवस्था हमें समानता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का महत्व सिखाती है। मतदान का अधिकार लोकतंत्र में नागरिक की आवाज है। किसी भी पात्र नागरिक को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग को जनता की आशंकाओं का समाधान तथ्यों और पारदर्शिता के आधार पर करना चाहिए। हमारी मांग किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि संविधान, निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए है।”
उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया अम्बेडकर महासभा (रजि.), चंडीगढ़ प्रदेश लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
