
धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा ।
चण्डीगढ़ ।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत बेशक कई बार आर पार की बात करने की स्थिति में यू टर्न भी ले जाते हैं लेकिन वह अपनी अहमियत को कभी कम नहीं होने देते और बेशक साधारण और सरल नजर आते है लेकिन राजनीति करना भी खूब जानते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के ही कुछ नेता टिकट वितरण के मामले में राव इंद्रजीत सिंह को झटका देने की कोशिश में थे। इसी दौरान एक अपुष्ट खबर आई कि राव साहब की राहुल गांधी से मीटिंग हुई है। हम इस खबर की सच्चाई पर नहीं जाते परंतु इस खबर का असर यह हुआ कि भारतीय जनता पार्टी ने परिस्थितियों को मध्य नजर रखते हुए मतलब खतरे से बचते हुए भाजपा उन्हें सोहना, गुरुग्राम, पटौदी, बावल, नारनौल, रेवाड़ी, कोसली, मंडी अटेली की टिकट देने को तैयार हो गई। इस चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह के यह सारे उम्मीदवार जीत कर विधानसभा पहुंचे। सारा देश जानता है कि इस चुनाव में उन्होंने निष्ठा बदलने के सवाल पर लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहे डॉक्टर बनवारी लाल की टिकट नहीं होने दी, इस केंद्रीय मंत्री ने अपने सगे भाई को कोसली से हरवा दिया, लगातार दो बार के मंत्री और विधायक अपने विरोधी डॉक्टर अभय सिंह यादव को हरवा दिया। मौके के हिसाब से फैसला लेना भी राव इंद्रजीत की राजनीति का हिस्सा है। कल जहां राव इंद्रजीत सिंह पूर्व मुख्यमंत्री सिंह मनोहर लाल की कार्य शैली पर उंगली उठाते थे और इन दोनों के बीच में नाराजगी नजर आती थी, आज राव इंद्रजीत सिंह मनोहर लाल को हरियाणा में प्रभावशाली नेता बता रहे हैं और इन दोनों में निकटता भी देखी जा रही है। राव इंद्रजीत सिंह जानते हैं कि प्रदेश के प्रशासनिक सिस्टम पर मनोहर लाल का ही प्रत्यक्ष प्रभाव है और वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बन सकते हैं। पिछले दिनों राव इंद्रजीत सिंह की बेटी और प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर एक बहुत बड़ी कूटनीतिक घटना हुई। यहां डिनर के नाम पर राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक 11 भाजपा और एक कांग्रेस विधायक ने इकट्ठे होकर ऐसा संदेश दे दिया कि भाजपा ही नहीं सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के कान खड़े हो गए । बेशक राव इंद्रजीत सिंह ने इसे एक रूटीन बताया लेकिन वह एक तीर से कई शिकार कर गए। अब एक और नई खबर आई कि चंडीगढ़ में ही राव इंद्रजीत सिंह के ही यहां एक और डिनर आयोजित किया गया जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी के साथ हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव शामिल हए। इस आयोजन में जहां राव इंद्रजीत सिंह का राजनीतिक कौशल देखने को मिला वही प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉक्टर अरविंद शर्मा भी यह सिद्ध कर गए कि वे राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी और अनोखे कूटनीतिक व्यक्ति हैं। वह भी कई बार एक तीर से कई शिकार कर जाते हैं।सामंजस्य और माहौल बनाना कोई डॉ अरविंद शर्मा से सीखें। लोगों को यह समझ में आ रहा है कि डाक्टर शर्मा यूं ही तीन अलग-अलग हल्कों से चार बार सांसद नहीं बन गए। चंडीगढ़ में हाल के डिनर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनकी पत्नी श्रीमती सुमन सैनी, केंद्रीय राज्य मंत्री, गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मनिता सिंह, हरियाणा के मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा तथा उनकी धर्मपत्नी डॉ. रीटा शर्मा भी उपस्थित रहे। अब हरियाणा की भाजपा की आगामी तस्वीर धुंधली ही सही अब सामने आने लगी है। लेकिन राजनीति वह विधा है जो किसी घटनाक्रम से पहले समझ में नहीं आती। यह डिनर भी भाजपा के कई नेताओं की नींद हराम करने के लिए पर्याप्त रहेगा।
