
गौरव राजपुरोहित
दक्ष दर्पण समाचार सेवा । मुंबई।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आये लव जिहाद केस में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार को सौंप दी है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के नाम भेजी गई इस जांच रिपोर्ट ने इस मामले में कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में कहा कहा कि यह मामला लव जिहाद के साथ हिंदू युवतियों के देह व्यापार जैसा अपराध प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मामले में आधा दर्जन युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिफ्तार किया है। लेकिन, यह गैंग इतना नहीं लगा। आशंका है कि यह एक बड़ा नेटवर्क है और इस नेटवर्क में कई बड़ी मछलियां शामिल हो सकती हैं। इस गिरोह का नेटवर्क दूसरे राज्यों के अपराधियों, या लोगों से भी जुड़ा हो सकता है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी इस रिपोर्ट में पुलिस की लापरवाही का भी जिक्र किया है। कहा गया- लव जिहाद जैसे गंभीर मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। बता दें कि भोपाल के पिपलानी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कोकता में स्थित प्रतिष्ठित निजी कॉलेज में हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया था। हिंदू धर्म को अपशब्द कहते हुए युवतियों के साथ दरिंदगी की गई, इस दौरान उनके अश्लील वीडियो बनाकर मुस्लिम रीति-रिवाज मानने और मुस्लिम धर्म अपनाने का भी दबाव बनाया गया था। मामले की जांच के बाद मानव अधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार को सौंप दी है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दरिंदों की दरिंदगी का शिकार कई हिंदू युवतियों ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी। कई युवतियों की जिंदगी नर्क बन गई। समाज में ठीक से जिंदगी गुजारने के लिए राज्य सरकार सभी पीड़ित छात्राओं की पढ़ाई पूरी कराए। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि सरकार पीड़ित छात्राओं को शिक्षा दिलाने छात्रवृति भी दे। साथ ही अपराधियों से किसी भी प्रकार के डर की आशंका को देखते हुए उन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए। आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार क्या कार्रवाई करती है, उसकी रिपोर्ट चार सप्ताह में और दो हफ्ते में अनुपालन रिपोर्ट भी मानव अधिकार आयोग को भेजें। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने रिपोर्ट में कहा है कि मुख्यमंत्री राहत कोष से सभी पीड़िताओं को 50-50 हजार के स्थान पर पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाए। एक नाबालिग पीड़िता को छह लाख रुपये देने की भी सिफारिश की गई है। जिस कॉलेज की छात्राओं के साथ लव जिहाद और दरिंदगी हुई है, उस कॉलेज से कुछ ही दूरी पर क्लब-90 है, इसमें लव जिहाद गिरोह के आरोपी बैठ कर रणनीति बनाते थे। छात्राओं को बात करने के लिए वहीं बुलाकर उनके साथ दोस्ती करते और क्लब-90 में बने कैबिनों में यह दरिंदे हिंदू युवतियों के साथ एकांत में समय भी बिताते थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा सवाल उठाए जाने पर क्लब-90 की पूरी जांच के बिना ही उसे तोड़ दिया गया। क्लब-90 को जल्दबाजी में तोड़ने के पीछे उसमें छिपे साक्ष्यों को छिपाने और अपराधियों की बचाने की साजिश भी हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार क्लब-90 को तोड़ने की भी जांच कराएं। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि जव जिहाद गिरोह का मास्टरमाइंड फरहान बहुत शातिर है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह गिरोह के अन्य युवकों द्वारा भी जिन छात्राओं से दरिंदगी की जाती है, उनके वीडियो भी अपने पास सुरक्षित रखता है। ऐसे में आशंका है कि फरहान का दूसरे राज्यों के बदमाशों, बड़े नामो और अपराधियों से मिलीभगत की भी जांच की जाए। यह सभी जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी या उसके ऊपर के अधिकारी से कराई जाए। भोपाल के कोकता क्षेत्र में स्थित निजी कॉलेज की आधा दर्जन हिंदू छात्राओं के साथ फरहान और उसके गिरोह के आधा दर्जन युवकों ने दुष्कर्म कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। इस केस का खुलासा इस साल अप्रैल में हुआ है। पांच पीड़िताएं बालिग हैं, जबकि एक पीड़िता की नाबालिग बहन को भी फरहान और उसके साथी ने दरिंदगी का शिकार बनाया। नाबालिग भोपाल में पढ़ाई छोड़कर इंदौर चली गई तो फरहान इंदौर भी पहुंचा और नाबालिग के साथ दरिंदगी की। इसके बाद इंदौर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं की। पीड़िता भोपाल आई और दोनों बहनों ने बागसेवनिया थाने पहुंचकर प्रकरण दर्ज कराया। इसके बाद अन्य पीड़ित छात्राओं ने प्रकरण दर्ज कराया। फरहान की दरिंदगी का शिकार दो छात्राएं पढ़ाई पूरी कर शादीशुदा जिंदगी जी रही हैं। ये दोनों पीड़िता निजी जिंदगी तबाह होने के डर से प्रकरण दर्ज कराने से स्पष्ट इंकार कर चुकी हैं। एक पीड़िता का बच्चा भी है। लव जिहाद कांड का खुलासा होने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीमें 13 से 17 मई तक भोपाल में पीड़िताओं के बयान लेने, घटना स्थल, कॉलेज, क्लब-90 का दौरा किया था। इसके बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। मानव अधिकार आयोग ने अब अपनी विस्तृत रिपोर्ट भी राज्य सरकार को सौंप दी है। फरहान सहित सभी छह आरोपी जेल में हैं। एक आरोपी आत्महत्या कर चुका है।
