गौरव राजपुरोहित
दक्ष दर्पण समाचार सेवा ।
मुंबई ।
लॉरेंस विश्नोई गैंग विदेशों से भारत में गोल्ड तस्करी का नेटवर्क भी चला रही है। फिरौती के पैसों से सोना खरीद कर देश के अलग-अलग एयरपोर्ट पर पहुंचाया जा रहा है। यही नहीं, सोना बेचने से मिले पैसों का इस्तेमाल गैंग के गुर्गों के लिए हथियार खरीदने, फरारी काटने, उन्हें विदेश भेजने और अवैध प्रॉपर्टी लेने के लिए करते हैं।जयपुर की करधनी पुलिस की गिरफ्त में आए लॉरेंस विश्नोई गैंग के 3 गुर्गों से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। करधनी पुलिस स्टेशन के सिनियर पीआई सवाई सिंह ने लॉरेंस विश्नोई, रोहित गोदारा, वीरेंद्र चारण, अमरजीत विश्नोई के साथ जयपुर में इस नेटवर्क को चलाने वाले सूरज गुर्जर, इमरान और भवानी सिंह के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। करधनी पुलिस के सिनियर पीआई सवाई सिंह ने बताया- साल 2024 में एक मर्डर के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। यह एफआईआर जयसिंह पीड़वा के खिलाफ दर्ज की गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि लाडनूं निवासी सूरज गुर्जर जयसिंह के संपर्क में है। जयपुर पुलिस ने जयसिंह के बारे में पता लगाने के लिए सूरज को चार दिन पहले हिरासत में लिया। उसके साथ भवानी सिंह, इमरान और सोनू भाटी को भी डिटेन किया। पुलिस ने सूरज, इमरान और भवानी से जयसिंह के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि वह लॉरेंस विश्नोई गैंग के लिए काम करता है। तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे जयसिंह के कहने पर लॉरेंस विश्नोई गैंग के लिए काम करते हैं। उनका काम फिरौती से आए पैसों को विदेश में ट्रांसफर करना था। इन पैसाें के जरिए लॉरेंस विश्नोई गैंग गोल्ड की खरीदारी करती है। पूछताछ में बताया कि जयपुर एयरपोर्ट पर 2 अक्टूबर 2023 को 12 किलो 467 ग्राम गोल्ड जब्त किया गया था। इस गोल्ड की तस्करी लॉरेंस विश्नोई गैंग के जरिए ही हुई थी। लॉरेंस विश्नोई गैंग की ओर से फिरौती और अन्य रुपए इन तीनों के पास आते थे। जयपुर पुलिस के मुताबिक झोटवाड़ा में इमरान का घर है, जहां सारे पैसे इकट्ठे होते थे। ये तीनों इन पैसों को गैंगस्टर रोहित गोदारा, गैंगस्टर वीरेंद्र चारण और गैगस्टर अमरजीत विश्नोई को भेजते थे। तीनों ने पुलिस को बताया कि इन पैसों से लॉरेंस विश्नोई गैंग विदेशों में सोना खरीदती थी। इसके बाद खरीदे गए गोल्ड को तस्करी के जरिए देश के अलग-अलग एयरपोर्ट पर लाया जाता था। यह सोना देश के अलग-अलग शहरों में ऊंचे दामाें में बेचते थे आरोपियों ने बताया कि सोना बेचने से मिले पैसों का इस्तेमाल लारेंस विश्नोई गैंग के दूसरे गैंगस्टर रोहित गोदारा, गैंगस्टर वीरेंद्र चारण और गैंगस्टर अमरजीत विश्नोई के गुर्गों के लिए हथियार खरीदने, फरारी काटने, उनकी पैरवी करने, विदेश भेजने और अवैध प्रॉपर्टी लेने के लिए करते थे। इस मामले में जयपुर पुलिस के डीसीपी अमित कुमार ने बताया लॉरेंस विश्नोई गैंग के ये तीनों गैंगस्टर संगठित गैंग चलाते हैं। ये तीनों कई लोगों को जान से मारने की धमकी देकर फिरौती की रकम लेते हैं। इन पैसों को हवाला के जरिए विदेश में भिजवाया जाता है। आरोपियों ने कबूल किया कि वे पिछले काफी दिनों से विदेश से आने वाले गोल्ड की तस्करी कर रहे हैं। 1 जुलाई को ही सूरज गुर्जर, भवानी सिंह, सोनू भाटी, इमरान और जीशान गोल्ड तस्करी के काम से मुंबई गए थे।भवानी ने बताया कि उसकी बहन सुधा कंवर गैंगस्टर अमरजीत विश्नोई की पत्नी है। सुधा रोहित गोदारा गैंग की सक्रिय सदस्य है, जो राजस्थान के गैंगस्टर राजू ठेहट हत्याकांड में आरोपी भी है। सुधा अभी अमरजीत के साथ इटली में है। भवानी ने बताया कि एक एजेंट के जरिए सुधा को दुबई भेजा था और वहां से वह इटली गई थी। बदमाशों से पूछताछ में सामने आया कि गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई कई माफियाओं के साथ मिलकर कई नेटवर्क चला रहा है। वह देश के हथियार, फर्जी पासपोर्ट, हवाला, शराब माफियाओं के साथ गोल्ड तस्करों से सीधा संपर्क में है। इस पूरे नेटवर्क के लिए अलग-अलग गुर्गे काम करते हैं। गैंग के सभी मेंबर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। लॉरेंस विश्नोई की यह गैंग राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश , पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात में सक्रिय है। साथ ही विदेश में खासकर कनाडा, अमेरिका, पुर्तगाल, स्पेन, यूएई, अफ्रीकन व यूरोपियन यूनियन के कई देशों में इनके सदस्य फरारी काट रहे हैं।

