
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
पंचकूला ।
भाजपा की पूर्व प्रवक्ता रंजीता मेहता ने आज एक प्रेस नोट जारी कर कांग्रेस पार्टी पर एस.वाई.एल. (SYL) मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा के किसानों के साथ हमेशा विश्वासघात किया है। एस.वाई.एल. नहर के निर्माण में सबसे बड़ा रोड़ा अगर कोई रहा है, तो वह कांग्रेस पार्टी ही रही है — चाहे वह केंद्र की कांग्रेस सरकार हो, पंजाब की या फिर हरियाणा की।
रंजीता मेहता ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने SYL पर हरियाणा के हक में फैसला सुनाया, तब भी कांग्रेस की चुप्पी और राजनीतिक मौन संदेहास्पद था। पंजाब कांग्रेस नेताओं ने खुलेआम हरियाणा के हिस्से के पानी का विरोध किया, लेकिन हरियाणा कांग्रेस के नेता मौन साधे रहे। यह हरियाणा की जनता के साथ सीधा धोखा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार (2005–2014) में SYL पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, वहीं दूसरी तरफ भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से हरियाणा का पक्ष रखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकारते हुए समाधान के लिए स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई।
रंजीता मेहता ने कांग्रेस से सवाल किया:
क्या हरियाणा कांग्रेस यह बताएगी कि उनके नेता पंजाब कांग्रेस के विरोध पर कब बोले?
क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा SYL पर अपनी सरकार के दौरान की गई निष्क्रियता पर माफी मांगेंगे?
क्या कांग्रेस का कोई ठोस ब्लूप्रिंट है इस मुद्दे के समाधान का, या वे केवल राजनैतिक रोटियाँ सेंकना जानते हैं?
भाजपा की सरकार ने बार-बार यह साबित किया है कि वह हरियाणा के जल अधिकारों को लेकर प्रतिबद्ध है और किसानों की चिंता उसके एजेंडे में सबसे ऊपर है। SYL केवल एक नहर नहीं, बल्कि हरियाणा के किसानों के जीवन और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस ने हमेशा इस पर राजनीतिक सौदेबाज़ी की है, जबकि भाजपा ने इसे न्याय का प्रश्न माना है।
रंजीता मेहता ने अंत में कहा, “अब वक्त आ गया है कि कांग्रेस अपने पाखंड का जवाब दे और हरियाणा की जनता को बताएं कि वह SYL पर स्पष्ट तौर पर किसके साथ है — हरियाणा के किसानों के या पंजाब कांग्रेस के?”
