अहीरवाल क्षेत्र में अभी तक एमएसपी पर सरसों और गेंहू का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। विद्रोही ।

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दक्ष दर्पण समाचार सेवा dakshdarpan2022@gmail.com

चंडीगढ़
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा-जजपा खट्टर सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 28 मार्च से सरसों व एक अप्रैल से गेंहू फसल की सरकारी खरीद शुरू करने के दावे के बावजूद अहीरवाल क्षेत्र में अभी तक एमएसपी पर न तो सरसों और न ही गेंहू का एक दाना खरीदा गया है। विद्रोही ने कहा कि भाजपा खट्टर सरकार के 28 मार्च से सरसों व 1 अप्रैल से गेंहू की न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा पर 10 दिन तक अमल न होना बताता है कि भाजपा सरकार की कथनी-रकनी में दिन रात का अंतर है। मुख्यमंत्री मनेाहरलाल खट्टर व अन्य भाजपा-जजपा नेता किसान हित में मगरमच्छी आंसू बहाकर मीडिया में बयान बहादुर बनकर दावे तो बड़े-बड़े करते है लेकिन जमीन पर किसान को जुमलों से ठगने के सिवाय कुछ नही करते। अहीरवाल क्षेत्र में पूरे मार्च महीने में सावन की तरह लगी वर्षा की झडी, आंधी, ओलो की मार ने किसानों की गेंहू व सरसों को बर्बाद कर दिया और अब भाजपा सरकार गुणवत्ता व मापदंडों पर गेंहू व सरसों की फसल खरी नही उतरने के बहाने एमएसपी पर फसल नही खरीदकर एक और आर्थिक चोट मार रही है। 

विद्रोही ने कहा कि आंधी, बरसात, ओलो की मार से सरसों व गेंहू की फसल में नमी ज्यादा होना व दाने का सिकुडना, काला पडऩा सवभाविक है। ऐसी स्थिति में सरकार को भी किसानों को राहत देने सरकारी खरीद गुणवत्ता मापदंडों में विशेष छूट देकर गेंहू व सरसों की फसले एमएसपी पर खरीद कर किसान और बर्बाद होने से बचाना चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार किसान को राहत देने की बजाय उसे निजी व्यापारियों के रहमो करम पर छोडकर उनको लूटवा रही है। विद्रोही ने कहा कि आंधी, वर्षा, ओलो से बर्बाद हुई सरसों व गेंहू फसल की विशेष गिरदावरी की नौटंकी तो हो रही है, लेकिन किसान का फसल खराबा जान-बूझकर कम दिखाकर उसे मुआवजा से वंचित करने का षडयंत्र भी रचा जा रहा है। ऐसी स्थिति में विद्रोही ने मांग की कि किसान की आर्थिक सहायता करने किसान की गेंहू व सरसों फसलों की सरकारी खरीद गुणवत्ता मापदंडों में विशेष छूट देकर ना केवल किसान फसले एमएसपी पर सरकार खरीदे, साथ में सरकार गेंहू व सरसों पर 500 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस देकर किसान को विशेष आर्थिक सहायता भी दे। 

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